पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए देहरादून में बड़ा सत्यापन अभियान शुरू किया गया है. समाज कल्याण एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित सभी पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों का 15 जून 2026 तक शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाएगा.
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा है कि समयबद्ध तरीके से सत्यापन पूरा कर अपात्र और मृत पेंशनरों को सूची से हटाया जाए.
किन योजनाओं का होगा सत्यापन
इस अभियान के तहत वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, तीलू रौतेली, बौना पेंशन और 0 से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों की पेंशन योजनाओं के सभी लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र लोगों तक ही पहुंचे.
अधिकारियों की तय हुई जिम्मेदारी
सत्यापन कार्य के लिए शहरी क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी और ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है. इनके माध्यम से पटवारी, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सत्यापन कार्य को पूरा करेंगे.
मृत और अपात्र लाभार्थियों पर कार्रवाई
सत्यापन के दौरान यदि कोई पेंशनर मृत पाया जाता है तो उसकी मृत्यु तिथि दर्ज की जाएगी. वहीं यदि कोई अपात्र पाया जाता है तो उसका कारण भी स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा.
15 जून तक रिपोर्ट अनिवार्य
सीडीओ ने निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अधिकारी 15 जून 2026 तक सत्यापन कार्य पूरा कर अपनी रिपोर्ट संबंधित सहायक समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराएं. इसके बाद जिला स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
जिले में पेंशन लाभार्थियों की संख्या
देहरादून में वृद्धावस्था पेंशन के 76,128, दिव्यांग पेंशन के 11,596, 0-18 आयु वर्ग के दिव्यांग पेंशन के 1,121 और किसान पेंशन के 672 लाभार्थी हैं. वहीं विधवा पेंशन के 32,011 और परित्यक्ता पेंशन के 8,140 लाभार्थी शामिल हैं.
ऑनलाइन सूची और हेल्पलाइन उपलब्ध
पेंशनरों की सूची विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है. इसके अलावा जानकारी के लिए विभाग द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है.
प्रशासन का सख्त संदेश
मुख्य विकास अधिकारी ने इस अभियान को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. समय पर सत्यापन से जहां अपात्र लाभार्थियों को हटाया जाएगा, वहीं पात्र लोगों को समय पर पेंशन का लाभ मिल सकेगा.


