जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में जिला उद्योग केंद्र, कोटद्वार की ओर से सोमवार को महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी में एक दिवसीय उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वरोजगार, उद्यमिता और सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
उद्यम शुरू करने की प्रक्रिया की दी जानकारी
कार्यशाला में जिला उद्योग केंद्र के सहायक प्रबंधक विनय कुमार, अंकित सिंह और आकांक्षा गुसाईं ने विद्यार्थियों को उद्यम स्थापित करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी कौशल, उद्योग एवं स्वरोजगार की संभावनाओं और सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया।
विद्यार्थियों को उद्यम शुरू करने के लिए आवश्यक पंजीकरण प्रक्रिया, वित्तीय सहायता, ऋण सुविधाओं और सरकारी अनुदान से संबंधित जानकारी भी दी गई।
रोजगार लेने के साथ रोजगार देने पर जोर
कार्यशाला में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी का उपयोग अपने भविष्य को बेहतर बनाने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में करने के लिए प्रेरित किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. योगेश कुमार शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के लिए केवल रोजगार हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं विद्यार्थियों में उद्यमशीलता की भावना विकसित करने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार और अपना उद्यम स्थापित करने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन देती हैं।
बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा
कार्यशाला में डॉ. नीरज नौटियाल, डॉ. हिमानी बड़ोनी, आशुतोष जगूड़ी, शैलेंद्र बिष्ट, राजेंद्र नेगी, महेंद्र सिंह बिष्ट, पूनम देवी, डॉ. गिराज सिंह, विनय पांडेय, सुनील और डॉ. विकास रंजन सहित महाविद्यालय के शिक्षक-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
SEO Title:
URL:
Tags:


