आम आदमी पार्टी (AAP) के आधिकारिक प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि चड्ढा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरते हैं और देश के असली मुद्दों पर बोलने से कतराते हैं.
राघव चड्ढा की जगह अशोक मित्तल को राज्यसभा में AAP का डिप्टी लीडर बनाया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी ने सचिवालय से यह भी कहा है कि चड्ढा को संसद में बोलने का समय न दिया जाए, जिससे उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज़ हो गई हैं.
अनुराग ढांडा ने क्या कहा?
अनुराग ढांडा ने X पर लिखा, “हम केजरीवाल के सिपाही हैं. निडरता हमारी पहली पहचान है. अगर कोई मोदी से डरता है, तो वो देश के लिए कैसे लड़ेगा?” उन्होंने चड्ढा पर तंज कसते हुए कहा कि वे संसद में पेड पितृत्व अवकाश और एयरपोर्ट पर खाने के दाम कम करने जैसे मुद्दे उठाते हैं.
उन्होंने आगे कहा, “संसद में बोलने का समय सीमित होता है. उसमें हम देश को बचाने की लड़ाई लड़ सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करने की बात कर सकते हैं. गुजरात में हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं को BJP की पुलिस ने गिरफ्तार किया, क्या माननीय सांसद ने इस पर कुछ कहा?”
चड्ढा पर लगाए आरोप
ढांडा ने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में वोटिंग के अधिकार छीनने जैसे मुद्दों पर भी चड्ढा चुप रहे. उन्होंने कहा कि जब CEC के खिलाफ प्रस्ताव आया, तब भी चड्ढा ने साइन करने से इनकार कर दिया और जब पार्टी ने वॉकआउट किया, तब वे उपस्थिति दर्ज कराने के लिए सदन में ही रहे.
सौरभ भारद्वाज ने साधा निशाना
वहीं, AAP के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने भी चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा, “जो डर गया, वो मर गया.” उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष सरकार के ‘तानाशाही’ रवैये के खिलाफ आवाज उठा रहा था, तब चड्ढा संसद में गैर-जरूरी मुद्दे उठा रहे थे.
भारद्वाज ने कहा, “पिछले कुछ सालों में आपने संसद में ऐसा कोई मुद्दा नहीं उठाया, जो पीएम मोदी या BJP से सवाल करता हो. डर की राजनीति कैसे चलेगी? पंजाब के मुद्दों पर भी आपने कुछ नहीं कहा.”
भगवंत मान ने की आलोचना
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी चड्ढा की आलोचना की. उन्होंने कहा कि चड्ढा अलग ही मंच से बोलते नजर आते हैं और अहम मुद्दों की बजाय छोटे-छोटे मुद्दों पर ध्यान देते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में ऐसे बदलाव सामान्य होते हैं और समय के साथ जिम्मेदारियां बदलती रहती हैं.
इन सब के बीच राघव चड्ढा ने अपनी पद से हटाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें “चुप कराया गया है, लेकिन वो हारे नहीं हैं.” उन्होंने पार्टी से सवाल किया कि क्या जनता की आवाज उठाना कोई अपराध है.


