पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित एक अपार्टमेंट में दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर Debosmita Paul का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। 42 वर्षीय प्रोफेसर की मौत रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई है, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह मामला एक सुनियोजित हत्या का प्रतीत हो रहा है। घटनास्थल से मिले सबूतों और परिस्थितियों ने जांच एजेंसियों के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कौन थीं देबोस्मिता पॉल?
देबोस्मिता पॉल दिल्ली विश्वविद्यालय के Shivaji College में अंग्रेजी विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थीं। उनकी शैक्षणिक रुचि विभाजन अध्ययन, भारतीय साहित्य, उत्तर-औपनिवेशिक साहित्य और अनुवाद अध्ययन जैसे विषयों में थी।
उन्होंने वर्ष 2016 में Jamia Millia Islamia से पीएचडी पूरी की थी। शिवाजी कॉलेज में नियुक्ति से पहले वह दिल्ली विश्वविद्यालय के एक अन्य कॉलेज में एडहॉक प्रोफेसर के रूप में भी कार्य कर चुकी थीं।
पुलिस के अनुसार, वह अपने पति से अलग रह रही थीं और पिछले चार वर्षों से दोनों के बीच तलाक का मामला चल रहा था।
बहन ने खोला फ्लैट, अंदर मिला शव
मामले का खुलासा तब हुआ जब उनकी बहन देवराती पॉल उनसे संपर्क नहीं कर पा रही थीं। कई बार फोन करने के बावजूद जवाब नहीं मिलने पर वह गुरुवार को उनके फ्लैट पहुंचीं।
वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि फ्लैट बाहर से बंद था। किसी अनहोनी की आशंका होने पर उन्होंने ताला तोड़ा और अंदर प्रवेश किया। फ्लैट के अंदर बेड पर देबोस्मिता पॉल का शव पड़ा मिला। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक टीम और अपराध शाखा के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए और जांच शुरू कर दी।
हत्या के पीछे करीबी व्यक्ति होने का शक
प्रारंभिक जांच में पुलिस को लूटपाट के कोई संकेत नहीं मिले हैं। घर में मौजूद नकदी, आभूषण और अन्य कीमती सामान सुरक्षित पाए गए हैं। इससे यह संभावना मजबूत हुई है कि हत्या का मकसद चोरी नहीं था।
जांच में यह भी सामने आया है कि प्रोफेसर के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था। उनके सिर पर गहरी चोट के निशान मिले हैं, जबकि कलाई की नसें भी कटी हुई पाई गईं। अधिकारियों का मानना है कि हमलावर संभवतः कोई परिचित व्यक्ति था, क्योंकि फ्लैट में जबरन प्रवेश के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
CCTV और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
जांचकर्ता अब प्रोफेसर की हालिया गतिविधियों, फोन रिकॉर्ड, व्यक्तिगत और पेशेवर संपर्कों की जांच कर रहे हैं। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। फ्लैट का बाहर से बंद होना और हत्या की परिस्थितियां इस मामले को और अधिक रहस्यमयी बना रही हैं। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।


