एलिवेटेड सड़क निर्माण की मांग को लेकर जारी आंदोलन
उत्तराखंड के कोटद्वार में लालढांग-चिल्लरखाल एलिवेटेड मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर स्थानीय लोगों का आंदोलन लगातार जारी है। रविवार को भाबर क्षेत्र के चिल्लरखाल में आंदोलन का 242वां दिन रहा। बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने धरना-प्रदर्शन में हिस्सा लेकर सरकार से जल्द सड़क निर्माण शुरू करने की मांग दोहराई।
आठ महीनों से कर रहे हैं प्रदर्शन
धरना सभा को संबोधित करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि क्षेत्र के लोग पिछले आठ महीनों से लगातार शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शासन और प्रशासन के समक्ष कई बार अपनी मांग रखी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि जनता की समस्याओं को लगातार अनदेखा किया जा रहा है।
सड़क बनने से मिलेगा विकास को बढ़ावा
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लालढांग-चिल्लरखाल एलिवेटेड मार्ग बनने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और लोगों को लंबी दूरी तथा यातायात संबंधी परेशानियों से राहत मिलेगी। इसके साथ ही पर्यटन, व्यापार और स्थानीय विकास को भी नई गति मिलेगी। उनका कहना है कि यह सड़क क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख जरूरत है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरना स्थल पर आंदोलनकारियों ने ऐलान किया कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र की जनता फावड़ा और बेलचा लेकर खुद सड़क निर्माण का प्रतीकात्मक अभियान शुरू करेगी। इसके अलावा जनता की अनदेखी करने वाले जनप्रतिनिधियों के पुतले विभिन्न चौराहों पर जलाए जाएंगे।
चुनाव में बहिष्कार अभियान का ऐलान
प्रदर्शनकारियों ने यह भी निर्णय लिया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगामी चुनाव में जनता उन नेताओं का बहिष्कार करेगी जिन्होंने सड़क निर्माण के मुद्दे पर कोई ठोस पहल नहीं की। उनका कहना है कि क्षेत्र के विकास के लिए यह सड़क अत्यंत आवश्यक है और अब लोग केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम शुरू होते देखना चाहते हैं।
बड़ी संख्या में शामिल हुए स्थानीय नागरिक
धरना-प्रदर्शन में रवींद्र सौंद, हेमा नेगी, पूर्व सैनिक नरेश धस्माना, गणेश रावत, नरेंद्र सिंह, स्वयंबर सिंह, मधुसूदन नेगी, दीपा अधिकारी, पुष्पा मेहरा सहित कई स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर सरकार से लालढांग-चिल्लरखाल एलिवेटेड मार्ग का निर्माण शीघ्र शुरू करने की मांग की और चेतावनी दी कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।


