NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि सरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की बजाय उनका मंत्रालय बदलने पर विचार कर रही है, लेकिन यह छात्रों को स्वीकार नहीं होगा
‘छात्रों की तीन मांगें, कोई समझौता नहीं’
10 जनपथ के बाहर मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों की तीन प्रमुख मांगें हैं और उन पर कोई समझौता नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि पहली और सबसे अहम मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है।
‘मंत्रालय बदलना समाधान नहीं’
राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में धर्मेंद्र प्रधान को किसी दूसरे मंत्रालय में भेजने की चर्चा चल रही है।
उन्होंने कहा, “यह भारत के छात्रों को बिल्कुल स्वीकार नहीं है। धर्मेंद्र प्रधान को इधर-उधर शिफ्ट करने की नहीं, बल्कि पद से हटाने की जरूरत है।”
धर्मेंद्र प्रधान पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें “भ्रष्टाचार का प्रतीक”, “अक्षम” और छात्रों के भविष्य को नुकसान पहुंचाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भरोसा बहाल करने के लिए शिक्षा मंत्री को हटाना जरूरी है।
सरकार ने इस्तीफे की संभावना से किया इनकार
वहीं, सरकारी सूत्रों का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा फिलहाल एजेंडे में नहीं है। सरकार का मानना है कि इस्तीफा देना सबसे आसान रास्ता होगा और फिलहाल पूरा ध्यान परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में व्यापक बदलाव पर है।
CJP का आंदोलन जारी
उधर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन में भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रमुख बनी हुई है। छात्रों का कहना है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान पद नहीं छोड़ते, आंदोलन जारी रहेगा।


