ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। महानदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए हीराकुंड बांध के 22 गेट खोल दिए गए हैं। इसके बाद महानदी के निचले इलाकों में बसे 10 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। कई निचले क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है।
20 जिलों के 8.34 लाख से अधिक लोग प्रभावित
अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ से राज्य के 20 जिलों में 8.34 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। कई जगहों पर सड़कें, पुल और अन्य सार्वजनिक ढांचे क्षतिग्रस्त हुए हैं। बड़ी मात्रा में फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
1,300 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त
उत्तर ओडिशा में बाढ़ के कारण 1,300 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा प्रभावित जिला भद्रक है। इसके अलावा जाजपुर, बालासोर और मयूरभंज में भी भारी नुकसान दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वे
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दिल्ली दौरे से लौटने के बाद शनिवार को प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। उनके साथ राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
इन 10 जिलों में हाई अलर्ट
महानदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र के कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर, केंद्रापड़ा, अंगुल, बौध, संबलपुर, सुबरनपुर और नयागढ़ जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इनमें कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रापड़ा को सबसे संवेदनशील माना गया है।
कई नदियां उफान पर
महानदी के अलावा सालांदी, ब्राह्मणी, बैतरणी, जलका और बुधाबालंग नदियों के उफान पर आने से भी बाढ़ की स्थिति बिगड़ी है। हीराकुंड बांध का जलस्तर 625.47 फीट दर्ज किया गया है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 630 फीट है।
बारिश थमी, लेकिन खतरा बरकरार
प्रशासन का कहना है कि पिछले दो दिनों से बारिश नहीं हुई है और बांध से पानी छोड़ने की स्थिति फिलहाल स्थिर है। इसके बावजूद निचले इलाकों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

