झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राज्य विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो के समर्थन में अब दो महिला अभ्यर्थियों समेत पांच और छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
भूख हड़ताल पर 6 छात्र, देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी
देवेंद्र नाथ महतो पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। इस दौरान उनका ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर काफी नीचे आने से स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके बावजूद उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
क्या हैं छात्रों की मांगें?
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगें हैं:
- 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सेवा परीक्षा रद्द की जाए।
- भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की CBI या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों की समिति से जांच कराई जाए।
- JPSC और JSSC में व्यापक सुधार किए जाएं।
25 जुलाई से जारी है आंदोलन
यह आंदोलन 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले चल रहा है। छात्रों का कहना है कि सरकार से कई बार मांग करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए उन्हें भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
सीएम हेमंत सोरेन ने दिया भरोसा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनकी सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच एजेंसियां दिन-रात कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। सरकार उचित समय पर छात्रों की मांगों पर फैसला लेगी।


