रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। शुक्रवार को राज्य सरकार और JPSC-JSSC Reforms Manch के बीच पहले दौर की बातचीत हुई। छात्रों ने बातचीत को सकारात्मक बताया, लेकिन कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।
14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग
छात्र 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने, कथित अनियमितताओं की CBI या झारखंड से बाहर के रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों की कमेटी से स्वतंत्र जांच और JPSC-JSSC में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने की बातचीत
सरकार के साथ बातचीत के लिए JPSC-JSSC Reforms Manch की ओर से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। बैठक की अगुवाई उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने की। छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही, लेकिन छात्रों को अभी सरकार से ठोस आश्वासन का इंतजार है।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान
छात्रों ने साफ किया है कि अगर रविवार तक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ठोस जवाब नहीं मिलता है, तो 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम जारी रहेगा।
भूख हड़ताल जारी, एक छात्र अस्पताल में भर्ती
आंदोलन के बीच कई छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। छह लोगों के भूख हड़ताल पर बैठने की बात कही गई है। छात्र नेता राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अस्पताल पहुंचकर छात्रों से अपनी जान जोखिम में न डालने की अपील की।
देवेंद्र नाथ महतो गुट से भी होगी बातचीत
वहीं, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले दूसरे गुट को भी सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया है। इस प्रतिनिधिमंडल ने आठ सदस्यों के नाम सौंपे हैं और शनिवार सुबह राज्य अतिथि गृह में बातचीत प्रस्तावित है। महतो ने कहा कि सभी छात्र संगठनों की मांगें मूल रूप से एक ही हैं और सरकार को उन्हें पूरा करना चाहिए।
विधानसभा में भी उठा मामला
JPSC-JSSC भर्ती विवाद को लेकर झारखंड विधानसभा में भी हंगामा हुआ। बीजेपी विधायकों ने कथित अनियमितताओं की कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग की। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
सरकार ने छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द परिणाम सामने आने की बात कही है। वहीं, आंदोलनकारी छात्र अभी भी अपनी प्रमुख मांगों पर लिखित और ठोस आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं। राज्य सरकार ने 6 से 12 अगस्त के बीच विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा भी लागू की है।


