बीजेपी सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं की इस अचानक हुई मुलाकात के बाद पंजाब की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुलाकात के बाद चड्ढा ने इसे “यादगार सुबह” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के साथ उनकी विस्तृत और समृद्ध बातचीत हुई।
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद क्या बोले चड्ढा?
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए प्रधानमंत्री के समय और मार्गदर्शन के लिए आभार जताया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति बातचीत का अहम हिस्सा रही।
पंजाब चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। चड्ढा पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और बीजेपी में शामिल होने के बाद राज्य की राजनीति में उनकी सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है।
चड्ढा आम आदमी पार्टी के शुरुआती दौर से ही पार्टी से जुड़े रहे थे। इसी साल उन्होंने छह अन्य सांसदों के साथ AAP छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। इनमें छह सांसद पंजाब से थे। उनके बीजेपी में जाने को पंजाब की राजनीति में AAP के लिए बड़ा झटका माना गया।
AAP की जीत में निभाई थी अहम भूमिका
2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की ऐतिहासिक जीत के पीछे राघव चड्ढा की रणनीतिक भूमिका भी अहम मानी जाती थी। उन्होंने चुनाव के दौरान पार्टी की रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
अब बीजेपी में शामिल होने के बाद माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें पंजाब में चुनावी रणनीति और प्रचार अभियान में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। खासकर अमृतसर, लुधियाना और जालंधर जैसे शहरी इलाकों में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।
एक दिन पहले सुखबीर बादल भी मिले थे पीएम मोदी से
राघव चड्ढा की मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे एक दिन पहले शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी।
इसके बाद बीजेपी और अकाली दल के बीच दोबारा नजदीकी बढ़ने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। पंजाब में अकाली दल का राजनीतिक आधार पिछले कुछ वर्षों में कमजोर हुआ है और पार्टी फिलहाल सीमित संख्या में विधायकों के साथ मैदान में है।
क्या पंजाब में चड्ढा को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी?
पंजाब में चुनावी माहौल बनने के साथ बीजेपी अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में राघव चड्ढा जैसे पंजाब की राजनीति को करीब से समझने वाले नेता को सक्रिय भूमिका दिए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल पीएम मोदी और राघव चड्ढा की मुलाकात के बाद पंजाब की सियासत में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। अब देखना होगा कि बीजेपी चड्ढा को पंजाब में क्या जिम्मेदारी देती है और इसका आगामी चुनाव पर कितना असर पड़ता है।


