विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने देहरादून में मतदाता सुनवाई शिविरों का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र मतदाताओं को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और आयोग के सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए.
मतदाता सुनवाई शिविरों का औचक निरीक्षण
भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड के निर्देशों के तहत चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान गढ़वाल आयुक्त एवं रोल ऑब्जर्वर आनंद स्वरूप ने विधानसभा क्षेत्र राजपुर रोड (अ.जा.) और मसूरी के विभिन्न मतदेय स्थलों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने मतदाताओं को जारी नोटिसों के निस्तारण और सुनवाई प्रक्रिया की समीक्षा की.
बीएलओ अनावश्यक दस्तावेज न मांगें
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने मतदाताओं से सीधे बातचीत कर जानकारी ली कि उनसे किन दस्तावेजों की मांग की जा रही है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के अलावा किसी भी प्रकार के अतिरिक्त या अनावश्यक दस्तावेज न मांगे जाएं. उन्होंने कहा कि सभी मामलों की सुनवाई तय मानकों के अनुसार समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए.
सुनवाई कक्ष में प्रदर्शित होगी मान्य दस्तावेजों की सूची
गढ़वाल आयुक्त ने सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुनवाई कक्ष में आयोग द्वारा मान्य सभी दस्तावेजों की सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए. इससे मतदाताओं को सही जानकारी मिलेगी और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
बीएलओ ऐप और ईआरओ नेट पर तुरंत करें अपडेट
आयुक्त ने सुनवाई प्रक्रिया और ईआरओ नेट पर अपलोड की जा रही रिपोर्ट की भी समीक्षा की. उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले की सुनवाई पूरी होते ही उसकी प्रविष्टि तत्काल बीएलओ ऐप और ईआरओ नेट पर दर्ज की जाए, ताकि अभियान की प्रगति पारदर्शी और अद्यतन बनी रहे.
पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया पर जोर
आयुक्त ने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता को अनावश्यक असुविधा या देरी का सामना नहीं करना चाहिए. विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को पूरी पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ संचालित करना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है.


