कोटद्वार: कोटड़ीढांग से ग्रास्टनगंज तक गुलदार की लगातार बढ़ती गतिविधियों और हमलों से क्षेत्र में दहशत का माहौल है. आबादी और स्कूलों के आसपास गुलदार की मौजूदगी की घटनाओं ने स्थानीय लोगों, अभिभावकों और बच्चों की चिंता बढ़ा दी है. इसी बीच गुलदार के हमले में घायल हुए राम सिंह चौहान का हाल जानने के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी बेस अस्पताल कोटद्वार पहुंचे.
बेस अस्पताल पहुंचकर घायल का जाना हाल
राम सिंह चौहान पर सड़क पर टहलने के दौरान गुलदार ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था. घटना की जानकारी मिलने पर सुरेंद्र सिंह नेगी अस्पताल पहुंचे और राम सिंह चौहान से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना. उन्होंने चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली तथा बेहतर एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराने को कहा.
लगातार सामने आ रही गुलदार की घटनाएं
सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि क्षेत्र में गुलदार के हमले लगातार सामने आ रहे हैं, जिसे गंभीरता से लेने की जरूरत है. उनके अनुसार इससे पहले भी रीना अधिकारी पर गुलदार हमला कर चुका है. सुशीला देवी की बछिया को गुलदार ने अपना शिकार बनाया, जबकि विक्की चौहान पर भी हमले का प्रयास किया गया.
उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल के आसपास भी गुलदार दिखाई देने की सूचना मिली. शिक्षकों द्वारा शोर मचाने पर गुलदार वहां से भाग गया, लेकिन इसी दौरान उसने एक गाय पर हमला कर दिया.
स्कूल के आसपास गुलदार की मौजूदगी से बढ़ी चिंता
स्कूल और आबादी के आसपास लगातार गुलदार दिखाई देने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है. नेगी ने कहा कि लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए अब केवल औपचारिक कार्रवाई से काम नहीं चलेगा.
वन विभाग से तत्काल गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग
पूर्व कैबिनेट मंत्री ने संबंधित वन विभाग और अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र में तत्काल गश्त और निगरानी बढ़ाने तथा गुलदार को पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने को कहा.
उन्होंने कहा कि “किसी बड़ी जनहानि का इंतजार नहीं किया जा सकता.” उनके मुताबिक केवल एक पिंजरा लगाने या सीमित गश्त करने से इतने बड़े क्षेत्र में बनी समस्या का समाधान नहीं होगा.
कैमरा ट्रैप और पर्याप्त पिंजरे लगाने की मांग
नेगी ने शासन-प्रशासन और वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पिंजरे और कैमरा ट्रैप लगाने की मांग की. उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर दिन-रात गश्त बढ़ाने और वन विभाग की विशेषज्ञ टीमों को सक्रिय करने की भी बात कही, ताकि गुलदार को जल्द पकड़ा जा सके और संभावित जनहानि को रोका जा सके.
“जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए”
सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि जनता की जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्र में हो रही घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की.
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनसुरक्षा के इस मुद्दे पर वह अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे और आवश्यक कार्रवाई होने तक मामले को मजबूती से उठाते रहेंगे.


