करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के महज तीन हफ्ते बाद ही सड़क कई जगह धंस गई और उसमें दरारें आ गईं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि प्रभावित हिस्सों को दोबारा खोदकर बनाया जा रहा है। मामले में NHAI ने तीन इंजीनियरों पर कार्रवाई की है, निर्माण कंपनी PNC Infratech को नोटिस जारी किया है और मरम्मत पूरी होने तक पूरे एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली रोक दी है।
13 दिन बाद ही शुरू हुई परेशानी
63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था। लेकिन 26 जुलाई की रात उन्नाव के पास किलोमीटर-64 पर सड़क धंसने और सतह खिसकने की शिकायत सामने आई। इसके बाद अब तक कई बार मरम्मत की जा चुकी है, लेकिन अलग-अलग स्थानों पर फिर से नुकसान देखने को मिला।
बार-बार खोदी जा रही सड़क
NHAI के मुताबिक पहले करीब 120 मीटर हिस्से की मरम्मत की गई थी, लेकिन दोबारा समस्या आने पर करीब 300 मीटर सड़क को खोदकर फिर से बनाया जा रहा है। लगातार बारिश के बाद कई जगह सड़क धंसने और कटाव की शिकायतें भी मिली हैं।
मरम्मत के कारण ट्रैफिक प्रभावित
मरम्मत के चलते कई हिस्सों में दोनों तरफ का ट्रैफिक एक ही कैरिजवे से गुजर रहा है। उन्नाव टोल प्लाजा के पास कुछ वाहनों को यू-टर्न लेकर विपरीत दिशा से भी गुजरना पड़ रहा है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
NHAI ने बताया क्या है वजह?
प्राथमिक जांच में NHAI का कहना है कि बारिश का पानी सड़क के नीचे तक पहुंच गया, जिससे मिट्टी कमजोर हो गई और सड़क धंसने लगी। प्रभावित हिस्सों से निकाले गए निर्माण सामग्री के सैंपल लैब भेजे गए हैं। वहीं, IIT खड़गपुर की विशेषज्ञ टीम को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है।
PNC Infratech पर कार्रवाई
NHAI ने निर्माण कंपनी PNC Infratech को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उसे “नॉन-परफॉर्मर” घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी को अपने खर्च पर करीब 3 करोड़ रुपये की मरम्मत करनी होगी। भविष्य में सरकारी परियोजनाओं से डिबार करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
तीन इंजीनियर हटाए गए
लापरवाही के आरोप में परियोजना से जुड़े तीन इंजीनियरों को हटा दिया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके अलावा प्रोजेक्ट डायरेक्टर को भी उनके मूल विभाग भेज दिया गया है।
फिलहाल नहीं लगेगा टोल
NHAI ने स्पष्ट किया है कि मरम्मत पूरी होने तक एक्सप्रेसवे पर किसी भी वाहन से टोल नहीं लिया जाएगा। टोल बंद रहने से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई निर्माण कंपनी से की जाएगी।


