उत्तराखंड में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है, जिससे राज्य के मैदानी इलाकों में उमस भरी गर्मी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मंगलवार (15 जुलाई) को अधिकांश मैदानी क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जबकि पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। इसे देखते हुए कई पर्वतीय जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
देहरादून में तेज धूप, तापमान 35 डिग्री के पार
राजधानी देहरादून में मंगलवार सुबह से तेज धूप खिली रही। पिछले तीन दिनों से लगातार धूप निकलने के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शहर का अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश नहीं होने से लोगों को तेज गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है।
खराब श्रेणी में पहुंचा एयर क्वालिटी इंडेक्स
देहरादून की हवा की गुणवत्ता भी खराब हुई है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 170 तक पहुंच गया, जो खराब श्रेणी में आता है। वहीं औसत AQI 140 दर्ज किया गया। कुछ दिन पहले हुई बारिश के दौरान यही AQI 50 से नीचे पहुंच गया था, लेकिन अब बारिश की कमी के कारण वायु गुणवत्ता में गिरावट आई है।
इन पर्वतीय जिलों में बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। इसी को देखते हुए इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मैदानी जिलों में फिलहाल बारिश के आसार कम
मौसम विभाग का कहना है कि देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर समेत अन्य मैदानी जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना काफी कम है। अनुमान है कि करीब एक सप्ताह तक इन इलाकों में मौसम शुष्क बना रह सकता है, जिससे गर्मी और उमस का असर जारी रहेगा।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम का अपडेट लगातार देखते रहने की सलाह दी है। वहीं मैदानी क्षेत्रों के लोगों को तेज धूप और उमस से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीने, धूप में लंबे समय तक रहने से बचने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


