उत्तराखंड सरकार ने युवाओं को बड़ी राहत देते हुए आयुर्वेद से जुड़े कोर्सों में प्रवेश की अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने का अहम फैसला लिया है. राज्य में अब आयुर्वेद फार्मेसी, प्राकृतिक चिकित्सा और पंचकर्म जैसे कोर्सों में दाखिले के लिए अधिकतम आयु 25 साल से बढ़ाकर 42 साल कर दी गई है. पहले इन कोर्सों के लिए 17 से 25 वर्ष की आयु सीमा तय थी, जिसके चलते कई इच्छुक अभ्यर्थी प्रवेश नहीं ले पाते थे.
इस निर्णय के लागू होने के बाद अब बड़ी संख्या में ऐसे छात्र भी इन कोर्सों में दाखिला ले सकेंगे, जो किसी कारणवश पहले पढ़ाई नहीं कर पाए या उम्र सीमा के कारण बाहर हो गए थे. यह नई व्यवस्था इसी शैक्षणिक सत्र से लागू की जा रही है, जिससे इस वर्ष एडमिशन लेने वाले छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा.
क्यों लिया गया निर्णय
भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड की रजिस्ट्रार नर्वदा गुसाईं ने बताया कि आयु सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव परिषद की ओर से शासन को भेजा गया था, जिसे अब मंजूरी दे दी गई है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से छात्र आयु सीमा में छूट की मांग कर रहे थे, जिसे ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है. इस कदम से न केवल छात्रों को राहत मिलेगी, बल्कि आयुर्वेद कॉलेजों में प्रवेश संख्या भी बढ़ने की संभावना है.
सरकार के इस फैसले को राज्य में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है. आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और पंचकर्म जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में अधिक लोगों को इस क्षेत्र में अवसर मिलने से रोजगार के नए रास्ते भी खुल सकते हैं.
कई अहम फैसले लिए गए
इसी के साथ राज्य में प्रशासनिक स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. परिवहन निगम में अधिकारियों के पदोन्नति आदेश जारी किए गए हैं. सहायक महाप्रबंधक (कार्मिक) केपी सिंह को उपमहाप्रबंधक पद पर पदोन्नत कर संचालन और कार्मिक की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं केएस राणा और अंजलिका शर्मा को सहायक महाप्रबंधक बनाया गया है. इसके अलावा कई अधिकारियों को वित्त और लेखा विभाग में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.
वहीं राज्य के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा ने घोषणा की है कि उत्तराखंड के हर जिले में आईटी हब और स्किल सेंटर स्थापित किए जाएंगे. इन केंद्रों में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे आधुनिक कोर्स शुरू किए जाएंगे. सरकार का उद्देश्य युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है.
तीन अतिरिक्त फास्ट ट्रैक कोर्ट
न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को तीन अतिरिक्त फास्ट ट्रैक कोर्ट भी आवंटित किए हैं. ये कोर्ट विकासनगर, काशीपुर और नैनीताल में स्थापित किए जाएंगे. इन अदालतों के शुरू होने से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और लोगों को समय पर न्याय मिल सकेगा.
कुल मिलाकर, राज्य सरकार के ये फैसले शिक्षा, तकनीक और न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं, जिनका लाभ आने वाले समय में बड़ी संख्या में लोगों को मिलेगा.


