प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च 2026 को नोएडा के जेवर में बने इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने जा रहे हैं. इस एयरपोर्ट के शुरू होने से पूरे जेवर और नोएडा क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिसका सीधा और अप्रत्यक्ष लाभ रियल एस्टेट सेक्टर को मिलने की उम्मीद है. खासतौर पर प्लॉट और अपार्टमेंट मालिकों के साथ-साथ नए खरीदारों के लिए यह एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है.
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YIEDA) के मास्टरप्लान 2041 के तहत इस क्षेत्र में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स प्रस्तावित हैं. इनमें दिल्ली-कोलकाता रेलवे लिंक, एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक विकास और यमुना एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी शामिल है. इन योजनाओं से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आवास की मांग में भी तेजी आएगी.
रियल एस्टेट की कीमतों में जबरदस्त उछाल
प्रॉपटेक प्लेटफॉर्म Square Yards की रिपोर्ट के अनुसार, जेवर क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों में रियल एस्टेट की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है. अपार्टमेंट की कीमतें लगभग तीन गुना हो गई हैं, जबकि प्लॉट की कीमतों में औसतन 1.5 गुना वृद्धि हुई है. कुछ इलाकों में यह बढ़ोतरी 5 गुना तक दर्ज की गई है, जो निवेशकों की बढ़ती रुचि और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को दर्शाती है.
रिपोर्ट ‘Runway to Realty: How Noida International Airport is Reshaping Realty’ के अनुसार, 2020 में जहां प्लॉट की औसत कीमत करीब 3200 रुपये प्रति वर्ग फुट थी, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 9600 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई. यानी प्लॉट की कीमतों में करीब 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई. इसी अवधि में अपार्टमेंट की कीमत 1100 रुपये से बढ़कर 2500 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गई, जो करीब 78 प्रतिशत की बढ़ोतरी है.
प्लॉट की कीमतों में तेजी से उछाल आया
विशेषज्ञों का मानना है कि 2023 के बाद प्लॉट की कीमतों में तेजी से उछाल आया है, जिसका कारण निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और एयरपोर्ट परियोजना में प्रगति है. वहीं अपार्टमेंट की कीमतों में धीरे-धीरे लेकिन लगातार वृद्धि देखी गई है, जो वास्तविक खरीदारों की मांग को दर्शाती है.
Square Yards की वाइस प्रेसिडेंट सुनीता मिश्रा के अनुसार, पहले नोएडा का रियल एस्टेट बाजार अन्य NCR क्षेत्रों की तुलना में पीछे था, लेकिन एयरपोर्ट और अन्य परियोजनाओं में तेजी आने के बाद बाजार की धारणा बदल गई है. अब डेवलपर्स तेजी से नए प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहे हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां विकास की संभावनाएं अधिक हैं.
यमुना एक्सप्रेसवे को लेकर अपडेट
रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले वर्षों में यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को पांच प्रमुख जोनों में विकसित किया जाएगा, जिनमें एयरपोर्ट कोर जोन, रेजिडेंशियल स्पाइन, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, फिनटेक और इंस्टीट्यूशनल जोन तथा पेरिफेरल ग्रोथ एरिया शामिल हैं. इन जोनों के विकास से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आवास की मांग में भी विविधता आएगी.
लंबी अवधि में, जैसे-जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, वैसे-वैसे आवासीय मांग भी बढ़कर आसपास के क्षेत्रों तक फैलने लगेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि अब यह क्षेत्र केवल निवेश आधारित बाजार नहीं रहेगा, बल्कि एक मजबूत और संतुलित रिहायशी इकोसिस्टम के रूप में विकसित होगा.


