उत्तराखंड में अब बिजली की मांग अचानक बढ़ने पर ग्रिड फेल होने का खतरा काफी कम हो जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने नया सहायक सेवाएं (Ancillary Services) विनियम 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है।
क्या बदलेगा?
- ग्रिड की फ्रीक्वेंसी को 50 हर्ट्ज के आसपास स्थिर रखा जाएगा।
- बिजली आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जाएगा।
- ग्रिड संकट की स्थिति में बैकअप के लिए सेकेंडरी रिजर्व और टर्शियरी रिजर्व व्यवस्था लागू होगी।
- बिजली कंपनियों को ऑटोमैटिक सिग्नल भेजकर उत्पादन बढ़ाने या घटाने के निर्देश दिए जाएंगे।
बिजली कंपनियों के लिए इनाम
- 95% या उससे अधिक सही प्रतिक्रिया देने पर 50 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त प्रोत्साहन।
- 75–95% प्रदर्शन पर 40 पैसे प्रति यूनिट।
- 60–75% प्रदर्शन पर 30 पैसे प्रति यूनिट।
- लगातार खराब प्रदर्शन करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई और जुर्माना भी हो सकता है।
फायदा आम उपभोक्ताओं को
- पीक डिमांड के समय बड़े पैमाने पर बिजली कटौती या ग्रिड फेल होने की संभावना कम होगी।
- बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनेगी।
- आपात स्थिति में अतिरिक्त बिजली जल्दी उपलब्ध कराई जा सकेगी।


