राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गुरुवार को NEET पेपर लीक मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उनका उद्देश्य सुर्खियां बटोरना नहीं, बल्कि स्थायी समाधान निकालना था. राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का समाधान केवल टीवी डिबेट या मीडिया बाइट्स से नहीं, बल्कि मजबूत संस्थागत व्यवस्था से संभव है.
‘अब सवाल नहीं, समाधान देना मेरी जिम्मेदारी’
राघव चड्ढा ने कहा कि पहले विपक्ष में रहते हुए उनका काम सरकार से सवाल पूछना था, लेकिन अब उनकी भूमिका बदल चुकी है. उन्होंने कहा कि अब उनकी जिम्मेदारी केवल सवाल उठाने की नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान देने की है.
छात्रों से बोले- आपका गुस्सा और दर्द जायज
उन्होंने NEET अभ्यर्थियों से कहा कि उनका गुस्सा, निराशा और दर्द पूरी तरह जायज है. चड्ढा ने कहा कि लाखों छात्र और उनके परिवार बेहतर भविष्य की उम्मीद में वर्षों तक मेहनत करते हैं, इसलिए पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके सपनों को तोड़ देती हैं.
मोदी सरकार की कार्रवाई की सराहना
राघव चड्ढा ने कहा कि छात्रों की चिंताओं को सुनते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिभावक की तरह काम किया और व्यवस्था में बदलाव का फैसला लिया. उन्होंने बताया कि सरकार पहली बार पेपर लीक रोकने के लिए व्यापक कानूनी ढांचा लेकर आई है. साथ ही NEET पेपर लीक मामले में 75 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल की गई.
अब कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा
चड्ढा ने कहा कि भविष्य में NEET परीक्षा OMR शीट की बजाय कंप्यूटर आधारित (Computer-Based Test) प्रणाली से कराई जाएगी, ताकि पेपर लीक और नकल जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.
कांग्रेस और AAP पर भी साधा निशाना
अपने भाषण के दौरान राघव चड्ढा ने कहा कि पेपर लीक को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए. उन्होंने पंजाब में फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा और कर्नाटक में SSLC पेपर लीक का जिक्र करते हुए AAP और कांग्रेस दोनों पर सवाल उठाए. उन्होंने सभी दलों से अपील की कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए इस कानून का समर्थन करें.


