पौड़ी गढ़वाल के तहसील चाकीसैंण क्षेत्र के बनास में ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर आधार और दिव्यांग प्रमाण पत्र की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विशेष शिविर आयोजित किया गया। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देश पर मंगलवार को राजकीय व्यावसायिक महाविद्यालय बनास में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न सेवाएं दी गईं।
तहसील दिवस में ग्रामीणों ने उठाई थी मांग
सितंबर के पहले मंगलवार को राजकीय महाविद्यालय मजरा महादेव में आयोजित तहसील दिवस के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में ही आधार और दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की थी। जिलाधिकारी ने मांग का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर शिविर लगाने के निर्देश दिए थे।
81 लोगों ने कराया दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए पंजीकरण
शिविर में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कुल 81 लोगों का पंजीकरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद इनमें से 55 पात्र लोगों को मौके पर ही दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए गए।
26 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण, दवाएं भी दी गईं
जांच के दौरान 26 लोग दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए पात्र नहीं पाए गए। इनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यकता के अनुसार उन्हें उपचार के लिए दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
22 लोगों को मिली आधार संबंधी सुविधा
शिविर में आधार संबंधी सेवाओं के लिए 22 लोगों का पंजीकरण किया गया। प्रशासन के अनुसार सभी 22 लोगों को मौके पर ही आधार संबंधी प्रमाण पत्र जारी किए गए।
ग्रामीणों को जिला मुख्यालय जाने से मिली राहत
स्थानीय स्तर पर ही सेवाएं मिलने से ग्रामीणों और दिव्यांगजनों ने जिला प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर आयोजित होने से दूर-दराज के क्षेत्रों से जिला मुख्यालय आने-जाने की परेशानी और समय दोनों की बचत होती है।
जनसेवाओं को गांवों के करीब पहुंचाना प्राथमिकता
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि जनहित से जुड़ी सेवाओं को ग्रामीणों के नजदीक उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। तहसील दिवस में प्राप्त मांग के आधार पर बनास में शिविर आयोजित किया गया, जिससे स्थानीय लोगों को आवश्यक सुविधाएं क्षेत्र में ही मिल सकीं।
आगे भी जरूरत के अनुसार लगाए जाएंगे शिविर
जिलाधिकारी ने कहा कि भविष्य में भी जनसुविधाओं से जुड़ी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के प्रयास जारी रहेंगे, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को जरूरी सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से जिला मुख्यालय का रुख न करना पड़े।

