बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की पार्टी में वापसी और उन्हें दोबारा राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने पर सफाई दी है. मायावती ने कहा कि मीडिया में आकाश आनंद को चार बार पार्टी से निकाले जाने की बात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया. उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी सच्चाई और आकाश को पार्टी से अलग किए जाने की वजह भी बताई जानी चाहिए.
शादी से पहले पार्टी में सक्रिय थे आकाश आनंद
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद को 5 अक्टूबर को पार्टी में वापस लिया गया और उन्हें दोबारा राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी देकर पार्टी के काम में लगाया गया है. हालांकि, इसके बाद मीडिया में आकाश आनंद को चार बार पार्टी से निकाले जाने की खबरें सामने आईं.
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद अपनी शादी से पहले से ही पार्टी में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे. उस दौरान उन्होंने पार्टी को किसी तरह की शिकायत का मौका नहीं दिया और उन्हें कभी पार्टी से निकालने की जरूरत नहीं पड़ी.
अशोक सिद्धार्थ से जुड़ने के बाद बदली स्थिति
मायावती के मुताबिक, बाद में आकाश आनंद का राजनीतिक जुड़ाव अशोक सिद्धार्थ के साथ हुआ. इसके बाद आकाश आनंद की छवि को निजी स्वार्थों के लिए खराब करने की कोशिश की गई.
उन्होंने कहा कि आकाश आनंद में सुधार लाने के उद्देश्य से उन्हें कई बार पार्टी से अलग किया गया. हालांकि, ये फैसले स्थायी नहीं थे. जब आकाश को अपनी गलतियों का एहसास हुआ, तो उन्हें दोबारा पार्टी में वापस लिया गया.
‘अब ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनेगी’
मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद उन्हें उम्मीद है कि अब ऐसी कोई स्थिति नहीं बनेगी, जिसके कारण आकाश आनंद को दोबारा पार्टी से अलग करना पड़े.
उन्होंने कहा कि जिस तरह शादी से पहले आकाश आनंद ने पार्टी को शिकायत का कोई मौका नहीं दिया था, उसी तरह अब भी वह पार्टी के लिए लगातार काम करेंगे और राजनीति में आगे बढ़ेंगे.
मायावती ने मीडिया से बताई पूरी तस्वीर
BSP प्रमुख ने कहा कि अगर मीडिया आकाश आनंद को कई बार पार्टी से अलग किए जाने की बात लिखता है, तो उसे इसके पीछे की पूरी वजह भी बतानी चाहिए.
मायावती ने कहा कि केवल यह लिखना कि आकाश आनंद को कई बार पार्टी से निकाला गया, पूरी तस्वीर नहीं है. मीडिया को यह भी बताना चाहिए कि उन्हें किन परिस्थितियों में पार्टी से अलग किया गया और बाद में उन्हें वापस क्यों लिया गया.


