कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद विवाद बढ़ गया है. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.
दरअसल, जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद मंगलवार को सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे वहां पहुंच गए थे. इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया. इसके बाद आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि अजिंक्य शिंदे पीस बॉन्ड भरने के बाद रिहा हो गए.
‘तिरंगा फहराना कब से इतना बड़ा पाप हो गया?’
इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उनका कसूर जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना है.
दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि अगर सरकार विरोध की आवाजों को दबाना चाहती है, तो उसे खुलकर आपातकाल लगाने का ऐलान करना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि देश में तिरंगा फहराना कब से इतना बड़ा अपराध हो गया है.
‘ऑफिशियली इमरजेंसी लगानी है तो लगाओ’
अभिजीत दीपके ने अपने बयान में कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश में आपातकाल जैसी स्थिति लागू करनी है, तो उन्हें आधिकारिक तौर पर ऐसा करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अनौपचारिक तरीके से आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर रही है.
दीपके ने कहा कि लोगों को जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के लिए पांच दिन की हिरासत में भेजना गंभीर सवाल खड़े करता है. उन्होंने प्रधानमंत्री से विरोध प्रदर्शनों को लेकर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की.
हालांकि, आपातकाल जैसी स्थिति होने का यह दीपके का राजनीतिक आरोप है.
इंडिया ब्लॉक के आंदोलन पर क्या बोले अभिजीत दीपके?
इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर अभिजीत दीपके ने कहा कि उनके संगठन और विपक्षी गठबंधन का आंदोलन एक ही मुद्दे पर केंद्रित है. उनके मुताबिक, दोनों का विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है.
दीपके ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार चुनावों में धांधली कर रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी एक स्वतंत्र दबाव समूह है और आगे भी अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखेगी.
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वतंत्र संगठन होने का मतलब यह नहीं है कि उनकी पार्टी इंडिया ब्लॉक के खिलाफ है. उनके मुताबिक, दोनों आंदोलनों का उद्देश्य एक ही मुद्दे को उठाना है.
SIR में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है. संगठन ने 10 अक्टूबर को प्रदर्शन का आह्वान किया था, लेकिन उस दिन पार्टी के नेताओं समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया था.
इसके बाद जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने का मुद्दा भी विवाद का कारण बन गया. सीजेपी इस फैसले का विरोध कर रही है.
वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के कई दल भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, नेताओं की हिरासत और SIR को लेकर राजनीतिक टकराव तेज होता नजर आ रहा है.


