समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए. INDIA ब्लॉक के चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग संविधान के मुताबिक काम नहीं कर रहा है और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं.
‘क्या BJP सदस्य होना ही वोट देने की शर्त है?’
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग नागरिकता और वोट देने के अधिकार को लेकर ऐसा रवैया अपना रहा है, जिससे बीजेपी को फायदा पहुंचता है. उन्होंने कहा कि आयोग मानो केवल बीजेपी के सदस्यों को ही भारतीय नागरिक मानना चाहता है.
सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की नजर में वोट देने का अधिकार भी बीजेपी से जुड़ा हुआ है. ये अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें चुनाव आयोग की ओर से स्वतंत्र रूप से स्वीकार नहीं किया गया है.
बंगाल और यूपी में बूथ कैप्चरिंग का लगाया आरोप
अखिलेश यादव ने बीजेपी की चुनावी ताकत पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में धनबल और सुरक्षा बलों के कथित दुरुपयोग का सहारा लिया जाता है.
उन्होंने पश्चिम बंगाल के साथ उत्तर प्रदेश के कुंदरकी, अंबेडकर नगर और अयोध्या का जिक्र करते हुए कथित बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए. साथ ही सवाल किया कि ऐसी शिकायतों पर चुनाव आयोग की ओर से क्या कार्रवाई की गई.
‘BJP और चुनाव आयोग के बीच करीबी संबंध’
सपा प्रमुख ने चुनाव आयोग और बीजेपी के बीच कथित नजदीकी को लेकर भी हमला बोला. उन्होंने दिल्ली स्थित बीजेपी कार्यालय का जिक्र करते हुए व्यंग्य किया कि पार्टी का कार्यालय चुनाव आयोग की इमारत की किसी मंजिल पर ही हो सकता था.
अखिलेश के इन बयानों के बीच INDIA ब्लॉक के सांसद मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च करने के लिए जुटे. प्रदर्शनकारियों की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर कार्रवाई की है.
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर भी निशाना
अखिलेश यादव ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनावी प्रक्रिया को एक ही बार में पूरा करना चाहती है, ताकि उसके बाद पांच साल तक उसे लगातार चुनावी जांच या राजनीतिक जवाबदेही का सामना न करना पड़े.
हालांकि, ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लेकर अखिलेश की यह व्याख्या उनका राजनीतिक आरोप है. इसे स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता.
चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA ब्लॉक का मार्च
INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय, निर्वाचन सदन तक मार्च शुरू किया. प्रदर्शन में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई नेता शामिल हुए. पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद विपक्षी नेताओं ने सड़क पर धरना दिया.
इस प्रदर्शन की पृष्ठभूमि मतदाता सूची के SIR को लेकर विपक्ष के आरोप और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग है. INDIA ब्लॉक की 30 सितंबर की बैठक के बाद इस प्रदर्शन का ऐलान किया गया था.


