जुलाई में उम्मीद से बेहतर बारिश के बाद अब भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगस्त को लेकर बड़ा अनुमान जारी किया है. विभाग के मुताबिक, देश में अगस्त 2026 के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. इसकी मुख्य वजह प्रशांत महासागर में बना मध्यम स्तर का एल नीनो (El Nino) प्रभाव है, जो दक्षिण-पश्चिम मानसून को कमजोर कर सकता है.
अगस्त में सामान्य से कम बारिश का अनुमान
IMD के अनुसार, अगस्त में देशभर में औसत बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) के 94 प्रतिशत से कम रहने की संभावना है. 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर अगस्त में सामान्य वर्षा 254.9 मिमी मानी जाती है.
जुलाई में हुई थी अच्छी बारिश
मौसम विभाग ने बताया कि जुलाई में कई लो-प्रेशर सिस्टम और मानसूनी डिप्रेशन बनने से देश में लगभग सामान्य बारिश दर्ज की गई. इन सिस्टम्स ने एल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक संतुलित कर दिया था.
इन इलाकों में हो सकती है बेहतर बारिश
हालांकि, अगस्त में उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर भारत, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है. वहीं देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा का अनुमान है.
अगस्त-सितंबर में भी कम रह सकती है बारिश
IMD का अनुमान है कि मानसून के दूसरे चरण यानी अगस्त और सितंबर को मिलाकर भी बारिश सामान्य से कम रह सकती है. इस अवधि में भी वर्षा LPA के 94 प्रतिशत से नीचे रहने की संभावना है.
एल नीनो रहेगा असरदार, IOD से मिल सकती है राहत
मौसम विभाग के मुताबिक, एल नीनो अगस्त में मध्यम स्तर पर बना रहेगा और सितंबर में इसके और मजबूत होने की संभावना है. हालांकि, सितंबर तक पॉजिटिव इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) बनने की संभावना भी जताई गई है, जो भारत में मानसूनी बारिश बढ़ाने में मदद कर सकता है और एल नीनो के असर को कुछ हद तक कम कर सकता है.
कृषि और जल संसाधनों पर रहेगी नजर
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगस्त और सितंबर का प्रदर्शन यह तय करेगा कि देश मौजूदा मौसमी वर्षा की कमी को पूरा कर पाएगा या नहीं. बारिश की स्थिति का सीधा असर खेती, जलाशयों और जल उपलब्धता पर पड़ सकता है.


