उत्तराखंड में जिलों से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निस्तारण और शासन एवं जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के लिए नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने निर्देश दिए हैं कि अब हर माह के पहले मंगलवार को समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी।
जिलाधिकारी सीधे रख सकेंगे जिले की समस्याएं
बैठक में जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों से जुड़े ऐसे मामलों और समस्याओं को संबंधित विभागों के सामने रख सकेंगे, जिनके समाधान के लिए शासन स्तर पर निर्णय या विभागीय समन्वय की जरूरत है। इससे लंबे समय से लंबित मामलों को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बैठक से पहले विभागों को मिलेगी पूरी जानकारी
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिलों द्वारा चिन्हित समस्याओं और प्रकरणों की जानकारी बैठक से पहले ही संबंधित विभागों को उपलब्ध करा दी जाए। विभागों को आवश्यक तथ्यों, रिपोर्ट और कार्रवाई की जानकारी के साथ बैठक में शामिल होना होगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी बैठक
हर महीने पहले मंगलवार को होने वाली यह समन्वय बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएगी। बैठक में संबंधित जिले और विभाग के अधिकारियों के साथ मामलों पर सीधे चर्चा की जाएगी और यथासंभव मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास होगा।
आमजन से जुड़े मामलों को मिलेगी प्राथमिकता
मुख्य सचिव ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य जिलों की समस्याओं के समाधान में होने वाली अनावश्यक देरी को खत्म करना और शासन एवं जिला प्रशासन के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना है। सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि जिलों से प्राप्त मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए, ताकि आमजन से जुड़े विषयों का जल्द समाधान हो सके।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव एल. फ़ैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, ज्योति यादव, रणवीर सिंह चौहान, धीराज सिंह गर्ब्याल और राजेंद्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.


