पौड़ी गढ़वाल। जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने रिखणीखाल विकासखंड का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ताड़केश्वर महादेव मंदिर से लेकर दुर्गम ग्राम मेंदणी तक विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर विकास कार्यों, जनसुविधाओं और विभागीय व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
ताड़केश्वर महादेव मंदिर में सुविधाओं के विस्तार पर जोर
भ्रमण की शुरुआत ताड़केश्वर महादेव मंदिर से हुई, जहां जिलाधिकारी ने पूजा-अर्चना करने के बाद मंदिर परिसर, धर्मशाला, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर समिति और पुजारियों से मंदिर के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व की जानकारी ली।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग, पार्किंग, पेयजल और शौचालय सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग रखी। इस पर जिलाधिकारी ने मंदिर मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स, बेंच, साइनेज और अन्य सुविधाओं के विकास के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ताड़केश्वर जनपद की महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन धरोहर है तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा प्रोत्साहन
देवियोंखाल में जिलाधिकारी ने ग्रामोत्थान परियोजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से संचालित मातृशक्ति आजीविका आउटलेट का उद्घाटन किया। इस दौरान स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया।
महिलाओं से संवाद करते हुए जिलाधिकारी ने उनकी आय, रोजगार और उत्पादों की बाजार उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि महिला समूह स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर कोल्ड स्टोरेज सुविधा की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।
मेंदणी गांव में पहली बार पहुंचा कोई जिलाधिकारी
दुर्गम ग्राम मेंदणी पहुंचने पर ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊं, स्वागत गीत और चौंफला गायन के साथ जिलाधिकारी का भव्य स्वागत किया। ग्रामीणों के अनुसार पहली बार कोई जिलाधिकारी गांव पहुंचा, जिससे लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, मोबाइल नेटवर्क, पेंशन, शिक्षा और अन्य स्थानीय समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं। जिलाधिकारी ने कई मांगों पर मौके पर ही निर्णय लेते हुए गांव में ओपन जिम और प्रवेश द्वार की स्वीकृति दी तथा संबंधित विभागों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
पेयजल और सड़क समस्याओं के समाधान के निर्देश
जनसंवाद में सबसे प्रमुख मुद्दा पेयजल आपूर्ति का रहा। ग्रामीणों ने हर घर नल-हर घर जल योजना के तहत कई क्षेत्रों में बाधित जलापूर्ति की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी ने जल निगम को 10 दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए और तब तक वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
सड़क निर्माण से हुई क्षति की शिकायतों पर लोक निर्माण विभाग को मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने, स्पीड ब्रेकरों पर रिफ्लेक्टिव मार्किंग और संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, अस्पतालों में सुधार के निर्देश
जिलाधिकारी ने ढाबखाल स्वास्थ्य उपकेंद्र और शहीद हरेन्द्र सिंह रावत मेमोरियल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रसव सेवाओं, दवा उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया।
इमरजेंसी कक्ष की खराब स्थिति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने तत्काल मरम्मत और विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पतालों में आवश्यक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
राजस्व और आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत बनाने पर जोर
तहसील रिखणीखाल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ई-डिस्ट्रिक्ट केंद्र, आपदा परिचालन केंद्र और रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सतर्क रखने, आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने और अभिलेखों के डिजिटलीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
राजस्व अधिकारियों की बैठक में उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण, फार्मर रजिस्ट्री, अतिक्रमण हटाने और राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


