मानसून के सक्रिय होने के बीच देश के कई राज्यों में मौसम ने फिर करवट ली है. 29 अगस्त को उत्तर, पूर्वी, मध्य और उत्तर-पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है. ओडिशा में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि बिहार, झारखंड, उत्तराखंड और कई अन्य राज्यों में भी खराब मौसम का असर देखने को मिल सकता है.
बारिश के साथ तेज हवाओं का भी खतरा
कई इलाकों में बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवा चलने की आशंका है. ऐसे मौसम में पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं. लोगों को खुले स्थानों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी जाती है.
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी सतर्क रहने की जरूरत
उत्तर प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की संभावना बनी हुई है. पूर्वी भारत में बिजली गिरने का खतरा भी बढ़ सकता है. किसानों के लिए तेज बारिश और तेज हवाएं चिंता का कारण बन सकती हैं, क्योंकि इससे खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है.
दिल्ली-NCR में तस्वीर अलग
दिल्ली को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में बारिश की संभावना का जिक्र किया गया है, लेकिन 29 अगस्त के लिए IMD की दिल्ली उप-विभाग चेतावनी में कोई विशेष चेतावनी दर्ज नहीं है. दिल्ली के लिए उपलब्ध IMD शहर पूर्वानुमान में भी 29 अगस्त को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान था. इसलिए दिल्ली-NCR के लोगों को स्थानीय और ताजा IMD अपडेट पर नजर रखनी चाहिए.
उत्तराखंड और हिमाचल में बढ़ सकती हैं मुश्किलें
पहाड़ी राज्यों में बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है. उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है. पहाड़ी यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों की जानकारी लेकर ही निकलना चाहिए.
ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वी भारत में ओडिशा पर बारिश का सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका जताई गई है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इससे निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की संभावना है.
किसानों के लिए भी चुनौतीपूर्ण मौसम
तेज बारिश और हवाओं का असर खेती पर पड़ सकता है. जहां एक ओर बारिश कुछ फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, वहीं जरूरत से ज्यादा पानी, तेज हवा और जलभराव फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है. किसानों को अपने क्षेत्र के स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और कृषि सलाह पर ध्यान देने की जरूरत है.
नदियों और जलभराव वाले इलाकों से रहें सतर्क
लगातार या तेज बारिश की स्थिति में नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. प्रशासन की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें और पानी भरे रास्तों से गुजरने से बचें.
यात्रा से पहले जरूर देखें मौसम अपडेट
बारिश और आंधी के बीच सड़क, रेल और हवाई यात्रा प्रभावित हो सकती है. खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा से पहले सड़क की स्थिति और मौसम का ताजा अपडेट जरूर जांचें. खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर हो सकता है.
लोगों के लिए जरूरी सलाह
तेज बारिश या आंधी के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर खड़े होने से बचें. मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को भी स्थानीय मौसम और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना चाहिए.
कुल मिलाकर क्या है स्थिति?
29 अगस्त को देश के कई हिस्सों में मानसून का असर बना हुआ है और अलग-अलग राज्यों में बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की संभावना है. हालांकि मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए अपने जिले और शहर के लिए जारी सबसे ताजा आधिकारिक चेतावनी देखना सबसे जरूरी है.


