मिशन युवा की ऑनलाइन समीक्षा बैठक का बताया जा रहा वीडियो चर्चा में है. महिला JKAS अधिकारी ने इसे असली बताया है, जबकि श्रम विभाग ने वीडियो को AI से तैयार किया गया बताया. IAS अधिकारी ने भी अपनी प्रतिक्रिया में खेद जताया है.
मिशन युवा की बैठक में शुरू हुआ विवाद
यह मामला 14 अक्टूबर को हुई मिशन युवा (Mission YUVA) की समीक्षा बैठक से जुड़ा बताया जा रहा है. बैठक में IAS अधिकारी कुमार राजीव रंजन और JKAS अधिकारी बीनिश वानी के बीच राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की भूमिका और कामकाज को लेकर बहस हुई.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीनिश वानी रोजगार एवं परामर्श केंद्र, गांदरबल में सहायक निदेशक हैं. बैठक में जब वह अपने कार्यालय के काम और प्रदर्शन के आंकड़े पेश कर रही थीं, तभी दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई.
वीडियो में क्या दिखा?
वायरल क्लिप में वरिष्ठ अधिकारी को कथित तौर पर बीनिश वानी को अपमानजनक शब्द कहते और खुद को उनका बॉस बताते हुए सुना जा सकता है. वीडियो में वह उन्हें बैठक से बाहर जाने और निलंबन की कार्रवाई करने की बात भी कहते दिखाई देते हैं. महिला अधिकारी ने भी उनकी भाषा पर आपत्ति जताई और जवाब दिया.
हालांकि, इस वीडियो को लेकर विवाद भी सामने आया है. बीनिश वानी ने कथित तौर पर वीडियो को असली बताया और कहा कि घटना बैठक के दौरान हुई थी. वहीं, श्रम एवं रोजगार विभाग ने एक बयान में वीडियो को AI और डिजिटल हेरफेर से तैयार बताया. IAS अधिकारी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर उन्होंने गुस्से में कुछ कहा, तो उन्हें इसका खेद है.
जांच और कार्रवाई की मांग
वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक नेताओं और JKAS अधिकारियों के बीच मामले को लेकर प्रतिक्रिया देखने को मिली. कई लोगों ने घटना की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी मामले को गंभीरता से लेने की बात कही और महिला अधिकारी के खिलाफ बदले की कार्रवाई न होने का भरोसा दिया.
मामले में वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं. इसलिए घटना से जुड़े आरोपों और विभाग की सफाई, दोनों को ध्यान में रखते हुए आधिकारिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे.


