बॉलीवुड एक्टर और पूर्व सांसद गोविंदा एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनकी निजी जिंदगी और कथित कोर्ट मैरिज को लेकर चल रही खबरों के बीच अब गोविंदा की ओर से कानूनी कदम उठाया गया है।
गोविंदा की ओर से जारी सार्वजनिक नोटिस में मीडिया संस्थानों, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और कंटेंट क्रिएटर्स को अभिनेता और उनके परिवार से जुड़ी किसी भी झूठी, मानहानिकारक, दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत या बिना सत्यापन वाली जानकारी को प्रकाशित या प्रसारित करने से चेतावनी दी गई है।
कोर्ट मैरिज को लेकर दावा
हाल ही में सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि गोविंदा ने रानी स्वर्णकार के साथ गुपचुप कोर्ट मैरिज कर ली है। इससे पहले अभिनेता के कथित तलाक को लेकर भी सोशल मीडिया पर कई दावे सामने आए थे, जिन्हें बाद में गलत बताया गया।
नोटिस में फोटो, वीडियो, ऑडियो, मॉर्फ्ड तस्वीरों, डीपफेक और AI से तैयार किए गए कंटेंट को लेकर भी सख्त चेतावनी दी गई है। गोविंदा की ओर से कहा गया है कि उनकी आवाज, तस्वीर, पहचान या छवि का उनकी निजी या पारिवारिक जिंदगी से संबंधित कंटेंट बनाने अथवा उसमें बदलाव करने के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है।
100 करोड़ रुपये तक के सिविल दावे की बात
नोटिस में मानहानि, निजता के उल्लंघन, पहचान के दुरुपयोग और साइबर अपराध से जुड़े लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 समेत अन्य संबंधित कानूनों का उल्लेख किया गया है।
गोविंदा की ओर से कथित तौर पर गलत और भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ 100 करोड़ रुपये तक के सिविल दावे की बात भी कही गई है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर अदालत के जरिए अन्य कानूनी कदम उठाने की चेतावनी दी गई है।
नोटिस में YouTube चैनलों और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी कार्रवाई की बात कही गई है, यदि वे जानबूझकर अभिनेता और उनके परिवार के बारे में झूठी या भ्रामक जानकारी प्रकाशित अथवा प्रसारित करते पाए जाते हैं।
गोविंदा ने क्या कहा?
गोविंदा की ओर से यह भी कहा गया है कि उनके पिछले अनुभवों को देखते हुए उनकी छवि खराब करने के लिए किसी सुनियोजित अभियान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उनके पक्ष ने ऐसी गतिविधियों से मानसिक और सामाजिक नुकसान होने की चिंता भी जताई है।
अब इस कानूनी नोटिस के जरिए गोविंदा ने साफ संदेश दिया है कि उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी किसी भी खबर को बिना पुष्टि के प्रकाशित या सोशल मीडिया पर शेयर करने से पहले पूरी तरह सत्यापन किया जाए।


