भाजपा सांसद कंगना रनौत के ‘जनरेशन गटर’ वाले बयान पर मचे विवाद के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि उन्होंने न तो कंगना के बयान का समर्थन किया और न ही उसकी आलोचना की। ईरानी ने कहा कि कंगना इस मुद्दे पर पहले ही अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुकी हैं।
‘सहकर्मी पर टिप्पणी नहीं करूंगी’
इंडिया टुडे से बातचीत में स्मृति ईरानी ने कहा, “मेरी सहयोगी कई बार अपनी बात स्पष्ट कर चुकी हैं। मैं अपनी राजनीतिक पार्टी के किसी सहयोगी पर टिप्पणी नहीं करूंगी, क्योंकि उन्होंने पहले ही अपना पक्ष रख दिया है।”
महिलाओं के लिए मोदी सरकार के काम गिनाए
कंगना के बयान पर सीधी प्रतिक्रिया देने के बजाय ईरानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं को राजनीति और विकास की मुख्यधारा में लाने का काम किया है।
33% महिला आरक्षण का किया जिक्र
स्मृति ईरानी ने संसद में पारित 33 प्रतिशत महिला आरक्षण कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि यह महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का वादा निभाया है।
जनधन खाते और शौचालय योजना का भी किया उल्लेख
ईरानी ने कहा कि मोदी सरकार ने करोड़ों महिलाओं के जनधन खाते खुलवाए और महिलाओं के लिए बड़ी संख्या में शौचालय बनवाए। उनके अनुसार, इन फैसलों ने महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।
कंगना के बयान पर जारी है विवाद
कंगना रनौत ने जंतर-मंतर पर हुए CJP आंदोलन पर टिप्पणी करते हुए कुछ प्रदर्शनकारियों की मानसिकता की तुलना ‘गटर’ से की थी। उनके इस बयान को लेकर कई राजनीतिक दलों और CJP नेताओं ने आपत्ति जताई। अभिनेता सोनू सूद समेत कई लोगों ने भी कंगना की टिप्पणी की आलोचना की।


