भगवान शिव की आस्था से जुड़ी कांवड़ यात्रा गुरुवार से विधिवत शुरू हो गई। यात्रा के शुभारंभ के साथ ही धर्मनगरी हरिद्वार में देशभर से लाखों शिवभक्त पहुंचने लगे हैं। हरकी पैड़ी और प्रमुख घाट ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया है। इसके तहत 29 जुलाई की रात 12 बजे से हरिद्वार नगर क्षेत्र में सामान्य वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
70 हजार वाहनों के लिए पार्किंग, अलग-अलग रूट तय
प्रशासन ने दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, सहारनपुर, देहरादून, ऋषिकेश, नैनीताल और नजीबाबाद समेत विभिन्न राज्यों और जिलों से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रूट और पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं। मेला क्षेत्र में करीब 70 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
देहरादून और ऋषिकेश से आने वाली रोडवेज बसों को मोतीचूर पार्किंग भेजा जाएगा, जबकि दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, पंजाब और हरियाणा से आने वाली बसें ऋषिकुल मैदान में पार्क होंगी। वहीं बिजनौर, नजीबाबाद, मुरादाबाद और नैनीताल की ओर से आने वाली बसों के लिए नीलधारा और गौरीशंकर पार्किंग तय की गई है।
24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम
कांवड़ मेले की निगरानी के लिए सीसीआर में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे सुरक्षा, ट्रैफिक, सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं पर नजर रखेगा। मेले की सुरक्षा के लिए जनपद में करीब 6 हजार पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।
स्वास्थ्य और सफाई के विशेष इंतजाम
स्वास्थ्य विभाग ने हरकी पैड़ी से नारसन बॉर्डर तक 30 चिकित्सा शिविर स्थापित किए हैं। करीब 450 डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। आपात स्थिति के लिए 108 एंबुलेंस सेवा के साथ बाइक एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं। वहीं नगर निगम ने 1000 सफाईकर्मियों की तैनाती कर 24 घंटे सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रमुख स्थानों पर पेयजल टैंकर और मोबाइल शौचालय भी लगाए गए हैं।
हरकी पैड़ी पर उमड़ी आस्था की भीड़
यात्रा के पहले दिन सुबह से ही हरकी पैड़ी समेत प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। रंग-बिरंगी कांवड़ें, भक्ति गीतों पर झूमते शिवभक्त और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। जगह-जगह सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की ओर से जलपान, विश्राम और सेवा शिविर भी लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


