उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास अब बड़े औद्योगिक विकास की तैयारी शुरू हो गई है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) करीब 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को विकसित करने जा रहा है। इस परियोजना से अलीगढ़ जिले समेत आसपास के क्षेत्रों में निवेश, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार यह कॉरिडोर नोएडा एयरपोर्ट और प्रस्तावित टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर के बीच विकसित किया जाएगा। इस क्षेत्र में उद्योगों के साथ-साथ आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित भूमि उपयोग से जुड़ी परियोजनाएं भी तैयार की जाएंगी। एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण यहां होटल, लॉजिस्टिक हब और अन्य कारोबारी गतिविधियों के तेजी से बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
मास्टर प्लान के लिए होगी एक्सपर्ट एजेंसी की नियुक्ति
यीडा ने इस बड़े प्रोजेक्ट के मास्टर प्लान को तैयार करने के लिए विशेषज्ञ एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही इसके लिए आरएफपी जारी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट बनने के बाद औद्योगिक भूखंडों की मांग लगातार बढ़ रही है और इस कॉरिडोर के जरिए कंपनियों को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं के साथ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
विदेशी कंपनियां भी दिखा रहीं रुचि
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कारण देशी और विदेशी कंपनियां इस क्षेत्र में निवेश के लिए रुचि दिखा रही हैं। यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित यह क्षेत्र कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार यहां बड़े स्तर पर औद्योगिक और व्यावसायिक विकास की योजना पर काम कर रही है।
बेहतर होगी सड़क कनेक्टिविटी
ग्रेटर नोएडा की 130 मीटर चौड़ी सड़क को एयरपोर्ट तक विकसित किया जाएगा और आगे इसे प्रस्तावित पलवल-खुर्जा मार्ग से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित 60 मीटर चौड़ी सड़क को भी इस कॉरिडोर तक विस्तारित करने की योजना है। इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी।
यीडा के सीईओ आरके सिंह ने कहा कि नया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर क्षेत्र में निवेश और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।


