उत्तर प्रदेश में बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए पेंशन बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. प्रस्ताव के तहत इन तीनों श्रेणियों के लाभार्थियों को मिलने वाली मासिक पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये की जा सकती है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है. अब इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए लाने की तैयारी है.
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर प्रदेश के 1.20 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को फायदा हो सकता है. हालांकि, पेंशन में बढ़ोतरी अभी प्रस्तावित है. अंतिम फैसला कैबिनेट की मंजूरी और सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा.
हर महीने 500 रुपये और सालाना 6,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ
वर्तमान में इन योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को 1,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है. प्रस्ताव के मुताबिक, इसे बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह करने की तैयारी है. यदि प्रस्ताव लागू होता है, तो प्रत्येक लाभार्थी को हर महीने 500 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे.
इससे सालाना पेंशन की राशि 12,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो जाएगी. यानी प्रत्येक पात्र लाभार्थी को एक साल में 6,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है.
सरकार इस प्रस्ताव को नवंबर के दूसरे पखवाड़े में कैबिनेट के सामने रख सकती है. बढ़ी हुई पेंशन के भुगतान के लिए अनुपूरक बजट में धनराशि का प्रावधान किए जाने की संभावना है. सरकार का लक्ष्य तीसरी तिमाही से बढ़ी हुई पेंशन देने का बताया जा रहा है. हालांकि, भुगतान कब से शुरू होगा, यह अंतिम मंजूरी और आधिकारिक आदेश पर निर्भर करेगा.
वृद्धावस्था पेंशन: 67 लाख से अधिक बुजुर्गों को मिल रहा लाभ
उत्तर प्रदेश की वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 67 लाख से अधिक बुजुर्गों को दूसरी तिमाही में पेंशन का भुगतान किया जा रहा है. पहली तिमाही में यह संख्या 65.60 लाख से अधिक थी.
प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होने पर वृद्धावस्था पेंशन पाने वाले पात्र बुजुर्गों को हर महीने 1,000 रुपये के बजाय 1,500 रुपये मिल सकते हैं. इससे उन्हें दवाइयों, रोजमर्रा की जरूरतों और अन्य जरूरी खर्चों में आर्थिक सहायता मिलेगी.
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सरकार बुजुर्गों को आर्थिक संबल देने के लिए प्रतिबद्ध है. उनके मुताबिक, पेंशन बढ़ने से 67 लाख से अधिक बुजुर्गों को सीधा लाभ मिल सकता है.
निराश्रित महिला पेंशन: करीब 42.36 लाख महिलाओं को फायदा
निराश्रित महिला पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या भी बढ़ी है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दूसरी तिमाही में 42,35,911 महिलाओं को पेंशन मिल रही है. पहली तिमाही में यह संख्या 41,37,176 थी.
इस तरह एक तिमाही में 98,735 महिला लाभार्थी बढ़ी हैं. पेंशन की राशि बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह किए जाने का प्रस्ताव मंजूर होने पर इन पात्र महिलाओं को भी हर महीने 500 रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं.
यह राशि उन महिलाओं के लिए आर्थिक मदद साबित हो सकती है, जो नियमित आय के सीमित साधनों के बीच अपने दैनिक खर्च पूरे करती हैं.
दिव्यांगजन पेंशन: 12 लाख से अधिक लाभार्थियों को राहत की उम्मीद
उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत 12 लाख से अधिक लाभार्थी हैं. सरकार इस योजना की पेंशन राशि भी 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह करने की तैयारी में है.
दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि पेंशन में बढ़ोतरी दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी. उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों को आर्थिक संबल देने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.
प्रस्ताव लागू होने पर पात्र दिव्यांग लाभार्थियों को भी सालाना 6,000 रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं.
2017 के बाद बढ़ी थी पेंशन, अब 1,500 रुपये करने की तैयारी
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017 के बाद वृद्धावस्था और दिव्यांगजन पेंशन की राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह की थी. निराश्रित महिला पेंशन भी 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह की गई थी.
अब तीनों योजनाओं में पेंशन को 1,500 रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव है. यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो वर्तमान प्रस्तावित राशि वर्ष 2017 में बताई गई 500 रुपये की राशि की तीन गुनी होगी.
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी
इसी बीच, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 118वीं बैठक में कर्मचारियों के हित में कई फैसले लिए गए. शनिवार को बोर्ड अध्यक्ष डॉ. रविंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में आउटसोर्सिंग निगम की ओर से तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए निर्धारित मानदेय देने का निर्णय लिया गया. इससे संबंधित कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी हो सकती है.
बैठक में कर्मचारियों को अवकाश यात्रा रियायत यानी एलटीसी की सुविधा देने पर भी सहमति बनी. इसके अलावा सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा हुई. इस विषय पर अगली बैठक में प्रस्ताव लाकर मंजूरी देने की बात कही गई.
पेंशन बढ़ोतरी पर अब किस फैसले का इंतजार?
उत्तर प्रदेश में तीनों पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को प्रस्तावित बढ़ोतरी का लाभ मिलने के लिए कैबिनेट की मंजूरी जरूरी है. इसके बाद बजट प्रावधान, पात्रता और भुगतान शुरू होने की तारीख को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आ सकती है.
फिलहाल प्रस्ताव के मुताबिक, पात्र बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह की जा सकती है. अंतिम फैसला होने तक इसे मंजूर योजना या लागू हो चुकी बढ़ोतरी नहीं माना जाना चाहिए.


