भारत में UPI पेमेंट को लेकर नए शुल्क का मामला सामने आया है. NPCI के बयान के मुताबिक, UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का फैसला लिया है. इसे दिवाली के तुरंत बाद लागू करने की बात कही गई है, हालांकि इसकी सटीक तारीख अलग से घोषित की जाएगी.
MDR वह शुल्क है, जो डिजिटल पेमेंट प्रोसेस करने के लिए मर्चेंट यानी दुकानदार या कारोबारी से लिया जाता है. प्रस्तावित व्यवस्था सभी UPI भुगतानों पर लागू नहीं होगी. यह केवल निर्धारित श्रेणियों के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगी
प्रस्तावित नियमों के तहत चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर दो तरह की MDR दरें लागू होंगी.
0.4% MDR: ₹2,000 से ज्यादा के सामान्य मर्चेंट UPI पेमेंट पर. प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम शुल्क ₹300 होगा.
₹5 का फ्लैट चार्ज: रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और ईंधन जैसी निर्धारित श्रेणियों में ₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर.
*P2P ट्रांसफर मुफ्त: दोस्तों या परिवार के सदस्यों को पैसे भेजने वाले लेन-देन पर MDR नहीं लगेगा.
क्या आम ग्राहकों को देना होगा अतिरिक्त पैसा?
सरकार के अनुसार, MDR मर्चेंट पेमेंट सिस्टम से जुड़ा शुल्क है. इसे दुकानदारों और संबंधित पेमेंट इकोसिस्टम के प्रतिभागियों पर लागू किया जाएगा. ग्राहकों से UPI भुगतान के लिए यह अतिरिक्त शुल्क वसूलने की अनुमति नहीं होगी.
दिवाली के बाद लागू होगा नियम
NPCI ने त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए शुल्क लागू करने की तारीख दिवाली के बाद रखने का फैसला किया है. पहले इसे 15 अक्टूबर से लागू किया जाना था, लेकिन अब नई तारीख अलग से घोषित की जाएगी.


