दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी माहौल गर्म है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर होने वाले प्रदर्शन से पहले पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर है.
इस बीच सीजेपी के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर तंज कसा. उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दिल्ली पुलिस को भी निशाने पर लिया.
“विजेता दहिया बाहर”, वीडियो में हंसते नजर आए
विजेता दहिया ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा, “खबर है कि अभिजीत दीपके डिटेन, सौरव दास डिटेन, आशुतोष रांका डिटेन, ध्रुव राठी डिटेन, लेकिन विजेता दहिया बाहर.” यह कहते हुए वह हंसने लगे.
इसके बाद उन्होंने कहा कि वह वापस जा रहे हैं और सिर्फ प्रदर्शन से जुड़ी कविता पढ़ेंगे तथा कुछ नारे लगाएंगे. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के पीछे पड़ने के बजाय अपराधियों को पकड़ना चाहिए. साथ ही उन्होंने दिल्ली पुलिस से “होश में आने” की बात कही.
विजेता का दावा- रात में घर पहुंची पुलिस
एक अन्य वीडियो में विजेता दहिया ने दावा किया कि रात में पुलिस उनके घर पहुंची थी और उन्हें प्रदर्शन में शामिल नहीं होने के लिए कहा गया. उन्होंने सवाल उठाया कि यह बात दिन में भी कही जा सकती थी. विजेता ने तंज कसते हुए कहा कि पुलिस ने उनकी नींद खराब कर दी और प्रदर्शनकारियों को भी सोने नहीं दे रही है. वीडियो में उन्होंने ज्ञानेश कुमार और सरकार को लेकर नारे लगाने का भी जिक्र किया.
प्रदर्शन से पहले कई लोगों को हिरासत में लेने का दावा
सीजेपी के प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को विमान के उतरते ही हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी. इसके अलावा कई अन्य प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया. खबर में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हिरासत में लिए जाने का भी दावा किया गया है. हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या और इन नेताओं की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है.
बीजेपी ने प्रदर्शन को बताया ‘फ्लॉप शो’
सीजेपी के आंदोलन पर बीजेपी ने भी प्रतिक्रिया दी. पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने विरोध प्रदर्शन को ‘फ्लॉप शो’ करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली को बंधक बनाने, आगजनी और मारपीट की कोशिश की गई, लेकिन लोकतंत्र की जीत हुई. पात्रा ने कहा कि जंतर-मंतर पर दिखाई दे रही गतिविधियां पूरे भारत की तस्वीर नहीं हैं और देश सुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है.


