दिल्ली: छात्र नेता नेहा बोरा इन दिनों राजधानी दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर चर्चा में हैं. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष बोरा पेपर लीक के मुद्दे से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ आंदोलन में शामिल रही हैं. बीते सप्ताह दिल्ली पुलिस ने उन्हें कई बार हिरासत में लिया.
उत्तराखंड से JNU तक का सफर
नेहा बोरा 29 साल की हैं और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स में पीएचडी की पढ़ाई कर रही हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएशन किया. छात्र राजनीति में उनकी सक्रियता विश्वविद्यालय के दिनों से ही रही है.
फ्रंटलाइन को दिए एक इंटरव्यू में बोरा ने बताया था कि उनके राजनीतिक विचार परिवार से अलग हैं. उनके मुताबिक, उनका परिवार भारतीय जनता पार्टी (BJP) का समर्थक है और इस मुद्दे पर घर में कई बार मतभेद भी हुए हैं.
NEET विवाद के दौरान 23 दिन की भूख हड़ताल
नेहा बोरा परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए छात्र प्रदर्शनों में भी शामिल रही हैं. रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में हिस्सा लिया था. यह आंदोलन परीक्षा से जुड़े कथित विवादों को लेकर चल रहे व्यापक छात्र विरोध का हिस्सा था.
बोरा झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में भी शामिल हुई थीं. इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उन पर स्याही फेंके जाने की घटना भी सामने आई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बावजूद उन्होंने आंदोलन जारी रखा.
‘दिल्ली हाट आज जंतर-मंतर बन गया’
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति और उसे विरोध स्थल के रूप में बनाए रखने के मुद्दे पर भी बोरा ने आवाज उठाई. 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले जब जंतर-मंतर पर जुटना संभव नहीं था, तब उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “दिल्ली हाट आज जंतर-मंतर बन गया है. वहां मिलते हैं.”
इसके बाद बोरा और अन्य प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया. बोरा ने जंतर-मंतर को विरोध स्थल की सूची से हटाए जाने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर को हटाने से लोगों का विरोध खत्म नहीं होगा.
CEC के खिलाफ प्रदर्शन में कई बार हिरासत
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के दौरान नेहा बोरा को हाल के दिनों में कई बार हिरासत में लिया गया. सोमवार को करीब दोपहर 3 बजे, AISA के सदस्यों के आरके पुरम से मार्च करते हुए कनॉट प्लेस पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया.
रिपोर्ट के मुताबिक, बोरा और अन्य प्रदर्शनकारी संसद मार्ग की ओर बढ़ रहे थे. उन्हें कनॉट प्लेस के बाहरी सर्कल के एच-ब्लॉक के पास हिरासत में लिया गया, जो जंतर-मंतर से करीब एक किलोमीटर दूर है. बाद में नेहा बोरा समेत कई प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया.


