झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो आंदोलन का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं। लगातार छात्रों के समर्थन में आवाज़ उठाने और आमरण अनशन शुरू करने के बाद उन्हें अब ‘झारखंड का सोनम वांगचुक’ कहा जा रहा है।
आमरण अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो
देवेंद्र नाथ महतो ने 2 अगस्त की रात रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। उनका कहना है कि सरकार तक छात्रों की आवाज़ पहुंचाने के लिए यह आखिरी रास्ता बचा था। छात्र संगठन भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI और ED जांच की मांग कर रहे हैं। साथ ही, 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर पारदर्शी तरीके से दोबारा कराने की मांग भी उठाई गई है।
कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो?
देवेंद्र नाथ महतो रांची जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले हैं। शुरुआती शिक्षा बुंडू में पूरी करने के बाद उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची से उच्च शिक्षा प्राप्त की। वे संस्कृत, कुड़माली, जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं में स्नातकोत्तर हैं और बीएड की डिग्री भी हासिल कर चुके हैं।
महतो वर्ष 2015 से छात्र आंदोलनों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने छात्रवृत्ति, भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक, आरक्षण नीति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर लगातार आवाज़ उठाई है। वर्ष 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में उन्होंने तमाड़ सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी चुनाव लड़ा था।
CJP का भी मिला समर्थन
महतो के आंदोलन को Cockroach Janta Party (CJP) का भी समर्थन मिला है। पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके ने बताया कि उन्होंने महतो और अन्य छात्र नेताओं से वीडियो कॉल पर बात की और आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया।
महतो ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनका शरीर कमजोर हो सकता है, लेकिन छात्रों को न्याय दिलाने का संकल्प पहले से ज्यादा मजबूत है। उन्होंने सभी समर्थकों से शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की।
क्या है छात्रों की मांग?
झारखंड में छात्र JPSC, JSSC, JECCE और बोर्ड परीक्षाओं में कथित पेपर लीक व अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और कई परीक्षाओं में गंभीर गड़बड़ियां हुईं। छात्र इन मामलों की स्वतंत्र जांच, दोषियों पर कार्रवाई और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।


