यमुना एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर है. ग्रेटर नोएडा से आगरा तक जाने वाले इस एक्सप्रेस-वे पर बंदरों के झुंड ने परेशानी बढ़ा दी है. अचानक सड़क और टोल प्लाजा के आसपास पहुंचने वाले बंदर कर्मचारियों और राहगीरों पर हमला कर रहे हैं. स्थिति यह है कि बंदरों को देखकर टोलकर्मी भी अपनी ड्यूटी छोड़कर भागने को मजबूर हो रहे हैं. इससे एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
165 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे पर खतरा
यमुना एक्सप्रेस-वे करीब 165 किलोमीटर लंबा है. इसके जरिए दिल्ली-एनसीआर से मथुरा और आगरा तक का सफर आसान होता है. इस मार्ग पर वाहन तेज रफ्तार से चलते हैं. ऐसे में अचानक बंदरों या दूसरे जानवरों के सड़क पर आ जाने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है.
यदि कोई बंदर अचानक वाहन के सामने आ जाए, तो चालक को अचानक ब्रेक लगाना पड़ सकता है या वाहन मोड़ना पड़ सकता है. इससे पीछे से आ रहे वाहनों के टकराने और गंभीर हादसे की आशंका भी रहती है.
छह महीने पहले बंदरों को छोड़ने का दावा
बताया जा रहा है कि करीब छह महीने पहले किसी अज्ञात वाहन से बंदरों को एक्सप्रेस-वे के आसपास छोड़ा गया था. इसके बाद यहां बंदरों की मौजूदगी लगातार परेशानी का कारण बन रही है.
रिपोर्ट के मुताबिक, टोल अथॉरिटी ने 25 जुलाई को वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े अधिकारी को शिकायत देकर बंदरों को पकड़ने में मदद मांगी थी. हालांकि, कर्मचारियों का दावा है कि समस्या का अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है.
14 बार से ज्यादा हमले का दावा
हिंदुस्तान न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, टोल इंचार्ज तुलसीराम गुर्जर ने बताया कि ढाई महीने से ज्यादा समय से बंदरों के झुंड बार-बार यहां पहुंच रहे हैं. उनके अनुसार, बंदर अब तक 13-14 बार से अधिक लोगों पर हमला कर चुके हैं और कई टोल कर्मचारी घायल भी हुए हैं.
उन्होंने बताया कि फील्ड हॉस्टल के बाहर भी बंदरों का झुंड घूमता रहता है. इस वजह से कर्मचारी ड्यूटी के लिए बाहर निकलने से डर रहे हैं. टोलकर्मियों को अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है.
यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
यमुना एक्सप्रेस-वे पर बंदरों की मौजूदगी से टोल कर्मचारियों के साथ-साथ वाहन चालकों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है. ऐसे में बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने, उनके आने के कारणों का पता लगाने और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत है.
फिलहाल, बंदरों को हटाने और समस्या का स्थायी समाधान करने को लेकर संबंधित विभागों की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है. यात्रियों को भी सलाह दी जाती है कि सड़क पर अचानक किसी जानवर के आने पर तेज मोड़ या अचानक ब्रेक लगाने से बचें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें.


