नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल शुक्रवार को समाप्त कर दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। सरकार ने परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही, NEET-UG पेपर लीक और व्यापक परीक्षा सुधारों पर संसद में चर्चा कराने का भरोसा दिया है।
वांगचुक ने शुक्रवार सुबह जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि 20 जुलाई को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च और अन्य शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।
शहीद छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे पर भी विचार
वांगचुक ने बताया कि सरकार ने हालिया NEET पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उपयुक्त मुआवजा देने पर भी सकारात्मक रुख अपनाने की बात कही है।
65 सांसदों की अपील के बाद लिया फैसला
उन्होंने कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उनसे भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की थी और भरोसा दिलाया था कि परीक्षा सुधार और पेपर लीक का मुद्दा संसद में उठाया जाएगा। इसके बाद उन्होंने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।
दो दिन चली लिखित आश्वासन पर बातचीत
वांगचुक ने बताया कि उन्होंने सरकार से केवल मौखिक नहीं बल्कि लिखित आश्वासन की मांग की थी। इसी कारण दो दिनों तक लगातार बातचीत चली और उनकी भूख हड़ताल भी दो दिन और बढ़ गई। अंततः सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया।
मेदांता अस्पताल में जूस पीकर तोड़ा अनशन
सोनम वांगचुक ने 24 जुलाई की आधी रात के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अपना अनशन समाप्त किया। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेता और उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो मौजूद रहीं। दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
पीएम मोदी ने स्वस्थ रहने की कामना की
भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि सोनम वांगचुक डॉक्टरों की सलाह का पालन करें, अपनी सामान्य दिनचर्या में लौटें और जल्द स्वस्थ हों। प्रधानमंत्री ने उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी की।
26 दिनों में करीब 11 किलो वजन हुआ कम
26 दिनों तक चली भूख हड़ताल के दौरान वांगचुक का लगभग 11 किलोग्राम वजन कम हो गया। 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने उन्हें स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया


