उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलने को लेकर बड़ा ऐलान किया है। लखनऊ में कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने का प्रस्ताव मंत्रिमंडल ने मंजूर किया है। प्रस्ताव के मुताबिक, एयरपोर्ट का नाम ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा जेवर’ रखा जाएगा।
पीएम मोदी की 25 साल की जनसेवा का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे होने के अवसर पर उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने उनका अभिनंदन किया है। उन्होंने कहा कि जेवर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की सौगात प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार के मुताबिक, यह एयरपोर्ट आगे चलकर देश के प्रमुख एविएशन हब में शामिल हो सकता है।
सीएम योगी ने यूपी में विकास कार्यों का किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश का नेतृत्व करने के साथ वाराणसी से सांसद के रूप में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर काम हुआ है। सरकार ने सड़कों और एक्सप्रेसवे समेत कई सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया है।
2017 के बाद शासन व्यवस्था में बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक कमियों, असुरक्षा की भावना और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी चुनौतियां थीं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के प्रशासनिक अनुभव और दूरदर्शी सोच से प्रेरणा लेकर राज्य में शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया गया।
PPP मॉडल पर विकसित हुआ जेवर एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत किया गया है। इस परियोजना में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड और उत्तर प्रदेश सरकार की भागीदारी है। एयरपोर्ट के डिजाइन में आधुनिक स्विस इंजीनियरिंग और भारतीय वास्तुकला से जुड़े तत्वों को शामिल किया गया है।
पहले चरण में सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को किया था। इसके पहले चरण में एक रनवे और एक यात्री टर्मिनल है, जिसकी सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की है। एयरपोर्ट की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पूर्ण विकास के बाद इसकी क्षमता सालाना 7 करोड़ से अधिक यात्रियों तक पहुंचाने की योजना है।
दिल्ली-NCR में हवाई यातायात का दबाव घटाने में मिलेगी मदद
जेवर एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ा है और इसे दिल्ली-NCR में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर यात्रियों का दबाव कम करना और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित आसपास के क्षेत्रों की हवाई यात्रा को सुविधाजनक बनाना है। एयरपोर्ट पर व्यावसायिक उड़ानें 15 जून 2026 से शुरू हो चुकी हैं। दूसरे चरण के विकास का लक्ष्य 2031-32 के आसपास रखा गया है।


