वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के स्वर्ण शिखर से सोना गायब होने की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंच गई है. शिकायतकर्ता अधिवक्ता नित्यानंद राय का बयान दर्ज किया गया है. वहीं, मंदिर प्रशासन ने दावा किया है कि उत्तरी द्वार के ऊपर लगा एक स्वर्ण कलश बंदरों की उछल-कूद के दौरान गिर गया था, जिसे सुरक्षित रखा गया है.
काशी विश्वनाथ मंदिर से सोना गायब होने की शिकायत PMO पहुंची
अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चोरी के मामले की जांच के बीच अब वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के स्वर्ण शिखर से सोना गायब होने का मामला सामने आया है. इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में शिकायत की गई है, जिसके बाद मामले की जांच शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है. शिकायतकर्ता अधिवक्ता नित्यानंद राय का फोन पर बयान भी लिया गया है. वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर मंदिर प्रशासन ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है.
वाराणसी के तेलियाबाग निवासी अधिवक्ता नित्यानंद राय ने 29 सितंबर को मंडलायुक्त के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा था. उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के उत्तरी द्वार के ठीक ऊपर दो स्थानों से स्वर्ण कलश गायब हैं. उनका कहना है कि मंदिर प्रशासन से इस बारे में जानकारी मांगी गई, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला. मंदिर की वेबसाइट पर भी स्वर्ण शिखर से सोना हटाए जाने के संबंध में जानकारी उपलब्ध नहीं होने की शिकायत की गई.
स्वर्ण शिखर के कई हिस्सों से सोना गायब होने का दावा
अधिवक्ता नित्यानंद राय ने अपनी शिकायत में कहा कि स्वर्ण शिखर के अन्य हिस्सों से भी सोने की परत के छोटे-छोटे टुकड़े गायब हैं. उन्होंने दावा किया कि कुछ जगहों पर सोने की परत ढीली हो गई है और तेज हवा या अन्य गतिविधियों के कारण उसके गिरने की आशंका है.
शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कराने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर में पहले सोना-चांदी चोरी होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इसलिए स्वर्ण शिखर की मौजूदा स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है.
मंदिर प्रशासन जारी करे श्वेत पत्र
अधिवक्ता ने काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन से मांग की है कि धाम में जहां-जहां सोना और चांदी लगाया गया है, उसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए. इसके लिए उन्होंने विस्तृत श्वेत पत्र जारी करने और मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर भी संबंधित विवरण उपलब्ध कराने की मांग की है.
उनका कहना है कि इससे मंदिर में लगे सोने-चांदी की स्थिति और उसकी सुरक्षा को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी.
मंदिर प्रशासन ने क्या सफाई दी?
काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन के मुताबिक, मंदिर के उत्तरी द्वार के ऊपर लगा एक स्वर्ण कलश कुछ दिन पहले बंदरों की उछल-कूद के दौरान गिर गया था. प्रशासन का कहना है कि कलश को सुरक्षित रूप से भंडारगृह में रखा गया है.
मंदिर प्रशासन ने बताया कि तकनीकी परीक्षण के बिना कलश को दोबारा स्थापित करना उचित नहीं है. इस काम के लिए आईआईटी मद्रास से संपर्क किया गया है. संस्थान की टीम प्राथमिक सर्वे कर चुकी है और उसने पूरे स्वर्ण शिखर की मरम्मत कराने की संस्तुति दी है.
जल्द दोबारा स्थापित किया जाएगा स्वर्ण कलश
मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने भी बताया कि एक घटना में सोने का कलश गिर गया था, जिसे विश्वनाथ धाम में सुरक्षित रखा गया है. उन्होंने कहा कि कलश को दोबारा स्थापित करने के लिए आईआईटी मद्रास की मदद से सर्वे कराया गया है और जल्द ही इसे फिर से स्थापित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
फिलहाल, शिकायत में लगाए गए सोना गायब होने के आरोपों और मंदिर प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के बीच पूरे मामले की जांच महत्वपूर्ण है. स्वर्ण शिखर से कथित तौर पर सोना गायब होने की शिकायत को चोरी का पुष्ट मामला मानने से पहले जांच के निष्कर्ष सामने आना जरूरी है.


