पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि वह 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल हो सकती हैं. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अभी उनके शामिल होने को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर बुलाया गया है.
ममता बनर्जी गुरुवार को दिल्ली के लिए रवाना हुईं. वह राजधानी में चल रहे INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन में भी हिस्सा लेंगी. दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा.
‘लोग आवाज उठा रहे हैं तो साथ खड़ा होना चाहिए’
ममता बनर्जी ने कहा कि अभी पूजा का समय चल रहा है और लोग त्योहार में व्यस्त हैं, लेकिन जब किसी महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर लोग आवाज उठा रहे हों तो उनके साथ खड़ा होना जरूरी है.
उन्होंने कहा कि पहले उन्होंने कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का फैसला किया था, लेकिन आयोजकों के अनुरोध और आंदोलन की स्थिति को देखते हुए उन्होंने दिल्ली जाने का फैसला किया.
‘लाखों नाम मतदाता सूची से हटाए गए’
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से लाखों लोगों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं. उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग पर मिलकर चुनाव प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि बंगाल में जिस तरह चुनाव हुआ, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया. ममता ने दावा किया कि चुनाव से पहले ही वोटों की संख्या को लेकर दावे किए गए, जिससे वोटों की गड़बड़ी, फर्जी मतदान और वोट लूटने जैसे सवाल उठते हैं.
राहुल और प्रियंका गांधी के समर्थन में उतरीं ममता
ममता बनर्जी ने 6 अक्टूबर को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ पुलिस के व्यवहार पर भी सवाल उठाए.
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं. हर व्यक्ति को आंदोलन में शामिल होने का अधिकार है. ममता ने प्रियंका गांधी के साथ हुए व्यवहार को भी गलत बताया.
उन्होंने कहा कि महिलाओं, माताओं और बच्चों के साथ सम्मान और सुरक्षा का व्यवहार होना चाहिए. राजनीतिक विरोध के चलते किसी के परिवार को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.
राष्ट्रपति मुर्मू से मिलेंगी ममता
ममता बनर्जी ने कहा कि वह विपक्षी नेताओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगी. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर देशभर के अलग-अलग दलों के नेताओं का समर्थन और हस्ताक्षर जुटाए जाएंगे.
ममता के मुताबिक, यह मामला किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक नेताओं के ध्यान देने का विषय है.
10 अक्टूबर के प्रदर्शन पर सबकी नजर
CJP की ओर से 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया गया है. इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR को लेकर विरोध जताया जाएगा. अब ममता बनर्जी के इसमें शामिल होने को लेकर अंतिम फैसले का इंतजार है.


