पौड़ी की जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में उपजिलाधिकारियों के साथ राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में राजस्व वसूली, राजस्व न्यायालयों में लंबित वाद, दैवीय आपदा प्रबंधन, भूलेख, फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे, भू-अनुमति पोर्टल और विभिन्न शिकायतों समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने राजस्व प्राप्ति में लगातार वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों से अपने क्षेत्रों में राजस्व वसूली की नियमित समीक्षा कर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करने को कहा।
50 फीसदी से कम वसूली पर अमीनों का वेतन रोकने के निर्देश
विविध देयकों की वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बड़े बकायेदारों से नियमानुसार वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन अमीनों की विविध देयकों की वसूली 50 प्रतिशत से कम है, उनका वेतन रोका जाए।
एक और तीन साल से पुराने राजस्व वादों को प्राथमिकता
राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने एक वर्ष और तीन वर्ष से अधिक पुराने वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पुराने मामलों की नियमित सुनवाई की जाए और अगले एक माह में अधिक से अधिक वादों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। धारा 166 और 167 से जुड़े मामलों को भी प्राथमिकता से निस्तारित करने और उनकी अद्यतन स्थिति जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया।
तहसीलों और न्यायालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को अपने न्यायालयों और तहसीलों का निरीक्षण करने तथा लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए, ताकि पुराने प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहें।
आपदा की सूचना पर उसी दिन मौके पर पहुंचे राजस्व उपनिरीक्षक
दैवीय आपदा प्रबंधन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि आपदा की सूचना मिलते ही संबंधित राजस्व उपनिरीक्षक उसी दिन मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन करें और रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र में सबसे पहले मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करने वाला कर्मचारी होता है। ऐसे में त्वरित कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है।
पुराने आपदा कार्यों की गुणवत्ता भी जांची जाए
जिलाधिकारी ने ग्राम स्तर पर आपदा से हुई क्षति का शीघ्र आकलन करने के लिए खंड विकास अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ साप्ताहिक बैठक करने के निर्देश दिए। साथ ही पुराने आपदा कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा करने को कहा।
63 क्षतिग्रस्त पटवारी चौकियों के कार्य की समीक्षा
बैठक में बताया गया कि जिले में क्षतिग्रस्त 63 पटवारी चौकियों में से अधिकांश का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष पर काम जारी है।
जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन के लिए उपलब्ध उपकरणों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि वुडकटर समेत जरूरी उपकरण तहसीलों में और आपदा किट संबंधित वाहनों में उपलब्ध रहें, ताकि आपात स्थिति में उनका तत्काल इस्तेमाल किया जा सके।
खातेदारों के अंश निर्धारण में गुणवत्ता पर जोर
खातेदारों के अंश निर्धारण कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सत्यापन में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और सभी उपजिलाधिकारियों को खातों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
भूलेख एप्लिकेशन में ऑनलाइन प्राप्त उत्तराधिकार एवं विरासत संबंधी विवरण पत्रों के निस्तारण में कम प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकरण को ऑफलाइन निरस्त किया गया है तो उसका कारण स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया जाए।
भू-अनुमति पोर्टल और फार्मर रजिस्ट्री में तेजी के निर्देश
जिलाधिकारी ने भू-अनुमति पोर्टल पर लंबित कार्यों में तेजी लाने को कहा। वहीं फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा के दौरान विकासखंड स्तर पर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने खरीफ फसल के डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम भी जल्द शुरू कराने को कहा।
शिकायतों के निस्तारण में सिर्फ औपचारिकता नहीं, समाधान जरूरी
तहसील दिवस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और देयक लंबित न रहें
जिलाधिकारी ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और अन्य देयकों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन अथवा अन्य कोई भी देयता लंबे समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिए और संबंधित मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
ई-ऑफिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर
ई-ऑफिस प्रणाली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालयों में डिजिटल कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक तहसील में डिजिटल व्यवस्था मजबूत करने के लिए कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कंप्यूटर भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि डिजिटल कार्यों के निस्तारण में किसी तरह की बाधा न आए।
होटल और होमस्टे का सत्यापन कराने के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों को जिला पर्यटन विकास अधिकारी के साथ होटल और होमस्टे का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार चालान और जुर्माने की कार्रवाई करने को कहा।
इसके अलावा तहसीलों के आवासीय भवनों के निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, उपजिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा, चौबट्टाखाल रेखा आर्य, लैंसडाउन शालिनी मौर्य सहित तहसीलदार और संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।


