त्योहारी सीजन शुरू होते ही रेलवे कर्मचारियों की नजर सालाना बोनस पर टिक गई है. हर साल केंद्र सरकार रेलवे कर्मचारियों को प्रोडक्टिविटी-लिंक्ड बोनस (PLB) देती है. यह बोनस आमतौर पर दुर्गा पूजा और दशहरा से पहले दिया जाता है, ताकि कर्मचारियों को त्योहारों के दौरान आर्थिक राहत मिल सके.
इस बार भी बोनस को लेकर चर्चाएं हैं, लेकिन सरकार की ओर से नई राशि और भुगतान की तारीख पर आधिकारिक घोषणा होने तक किसी अंतिम फैसले की पुष्टि नहीं की जा सकती. ऐसे में कर्मचारियों को सरकार के ऐलान का इंतजार करना होगा.
पिछले साल 10.91 लाख कर्मचारियों को मिला था बोनस
पिछले साल केंद्र सरकार ने करीब 10.91 लाख रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के प्रोडक्टिविटी-लिंक्ड बोनस को मंजूरी दी थी. इसके लिए 1,865.68 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. उस समय पात्र कर्मचारियों के लिए अधिकतम बोनस राशि 17,951 रुपये निर्धारित की गई थी.
PLB का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों के प्रदर्शन और उत्पादकता को प्रोत्साहित करना है. हालांकि, इस साल कितने कर्मचारियों को बोनस मिलेगा और भुगतान की राशि कितनी होगी, यह आधिकारिक मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा.
किन रेलवे कर्मचारियों को मिलता है बोनस?
प्रोडक्टिविटी-लिंक्ड बोनस का लाभ पात्र रेलवे कर्मचारियों को दिया जाता है. इनमें मुख्य रूप से ये कर्मचारी शामिल हैं:
- ट्रैक मेंटेनर
- लोको पायलट
- ट्रेन मैनेजर यानी गार्ड
- स्टेशन मास्टर
- सुपरवाइजर और टेक्निशियन
- टेक्निशियन हेल्पर और पॉइंट्समैन
- मंत्रालयिक स्टाफ और अन्य पात्र ग्रुप-C कर्मचारी
बोनस का लाभ संबंधित नियमों और पात्रता शर्तों के अनुसार मिलता है.
बोनस की रकम बढ़ाने की मांग क्यों हो रही है?
रेलवे कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांग बोनस की गणना के लिए निर्धारित वेतन सीमा बढ़ाने की है. फिलहाल PLB की गणना के लिए 7,000 रुपये प्रति माह की वेतन सीमा लागू है. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह सीमा काफी पुरानी है और मौजूदा वेतन संरचना के अनुरूप नहीं है.
कर्मचारी संगठनों की मांग है कि इस सीमा को बढ़ाकर 18,000 रुपये मूल वेतन के साथ महंगाई भत्ता (DA) किया जाए. उनका तर्क है कि सातवें वेतन आयोग के तहत पे लेवल-1 के कर्मचारियों का शुरुआती मूल वेतन 18,000 रुपये निर्धारित है, इसलिए बोनस की गणना में भी इस बदलाव को ध्यान में रखा जाना चाहिए.
17,951 रुपये से बढ़कर 46,184 रुपये हो सकता है बोनस?
इंडियन रेलवेज टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRSTA) ने वेतन सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है.
एसोसिएशन के मुताबिक, यदि 18,000 रुपये के मूल वेतन और 78 दिनों के आधार पर बोनस की गणना की जाए, तो अधिकतम राशि बढ़कर कम से कम 46,184 रुपये हो सकती है. हालांकि, यह कर्मचारी संगठन की मांग और गणना पर आधारित आंकड़ा है, सरकार की ओर से घोषित बोनस राशि नहीं.
अब सरकार के फैसले पर टिकी नजरें
रेलवे कर्मचारियों को इस त्योहारी सीजन में बोनस मिलने की उम्मीद है. लेकिन बोनस की अवधि, कुल राशि और वेतन सीमा में बदलाव को लेकर अंतिम स्थिति सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी. कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि सरकार बोनस को लेकर क्या फैसला करती है और क्या वेतन सीमा बढ़ाने की मांग पर भी विचार किया जाता है.


