उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और रियल एस्टेट कारोबारी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू भाई के बीच विवाद अब खुलकर सामने आ गया है. करीब 22 साल के वैवाहिक रिश्ते में आई इस तल्खी ने राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज कर दी है. गुरुवार को रेखा आर्या ने साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर गंभीर आरोप लगाए. इसके जवाब में शुक्रवार को साहू ने तीन वीडियो साझा कर अपना पक्ष रखा और रेखा आर्या पर भ्रष्टाचार समेत कई आरोप लगाए.
रेखा आर्या के आरोपों पर साहू का पलटवार
रेखा आर्या ने साहू पर हत्या की साजिश रचने, शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देने, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने, अन्य महिलाओं से संबंध रखने और कंपनियों के निदेशक पद से हटाने के लिए फर्जी हस्ताक्षर करने जैसे आरोप लगाए हैं. वहीं, साहू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
महिला को लेकर भी लगाए आरोप
बरेली के बारादरी और बहेड़ी थानों में दो मुकदमे दर्ज होने के बाद जेल भेजी गई एक महिला का जिक्र करते हुए साहू ने रेखा आर्या पर निशाना साधा. उन्होंने महिला को मंत्री का मैनेजर बताते हुए आरोप लगाया कि उसके जरिए वसूली कराई जाती थी. साहू ने महिला का बचाव करते हुए कहा कि वह पढ़ी-लिखी और गरीब परिवार से है तथा मंत्री से जुड़े कई राज जानती है. उन्होंने एक महिला से बातचीत के कथित ऑडियो को भी एआई से तैयार किया गया बताया और इसे परिवार तोड़ने की साजिश करार दिया.
210 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप
साहू ने रेखा आर्या पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्होंने करीब 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है. उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार रेखा आर्या को ज्यादा पैसे की जरूरत नहीं होने और भ्रष्टाचार से दूर रहने की सलाह दी थी. साहू ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कराने की अपील करते हुए कहा कि यदि वह दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाए.
पुराने रिश्ते और राजनीतिक मदद का किया जिक्र
अपने वीडियो में साहू ने पुराने रिश्ते का हवाला देते हुए रेखा आर्या से एफआईआर वापस लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि दोनों का करीब 25 साल का साथ रहा है और रेखा आर्या को अपने पुराने दिनों को नहीं भूलना चाहिए. साहू ने यह भी दावा किया कि उन्होंने रेखा आर्या को राजनीतिक मुकाम तक पहुंचाने में मदद की और उनके बिना वह चुनाव भी नहीं जीत सकती थीं.
जांच के लिए मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री आवास जाने की चेतावनी
साहू ने चेतावनी दी कि मामले की जांच नहीं होने पर वह मुख्यमंत्री आवास और प्रधानमंत्री आवास पर धरना देंगे. जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात भी कही. उन्होंने जल्द प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रेखा आर्या पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक करने का दावा किया.
भाजपा के प्रति निष्ठा जताई
साहू ने अपने वीडियो में खुद को भाजपा का कार्यकर्ता बताया. उन्होंने कहा कि वह पार्षद रह चुके हैं, मेयर का चुनाव भी लड़ चुके हैं और वर्तमान में 37 धार्मिक संस्थाओं के अध्यक्ष हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.
दोनों पक्षों के आरोप आमने-सामने
इस विवाद में रेखा आर्या की ओर से लगाए गए आरोपों में हत्या की साजिश, प्रताड़ना, जातिसूचक अपमान, अन्य महिलाओं से संबंध और फर्जी हस्ताक्षर जैसे मुद्दे शामिल हैं. दूसरी ओर, साहू ने भ्रष्टाचार, कथित 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति, एआई से तैयार फर्जी ऑडियो और झूठा मुकदमा दर्ज कराने के आरोप लगाए हैं. फिलहाल ये आरोप दोनों पक्षों के दावों पर आधारित हैं. इनकी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.
### महिला को लेकर पहले भी दर्ज हुए थे मुकदमे
रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद में शामिल बताई जा रही महिला के खिलाफ रेखा आर्या ने वर्ष 2024 में चोरी और जालसाजी के आरोप लगाए थे. वहीं, गिरधारी साहू ने 19 जून 2026 को महिला के खिलाफ अपनी कंपनी में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था. महिला से जुड़े इन मामलों को भी मौजूदा विवाद की एक कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है.


