विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के अवसर पर श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नेत्र रोग विभाग द्वारा रविवार को जनजागरूकता अभियान चलाया गया. इस दौरान अस्पताल परिसर से वॉकाथॉन का आयोजन किया गया, जिसमें डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, मेडिकल छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर ग्लूकोमा से बचाव का संदेश दिया.
वॉकाथॉन के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया. तख्तियों पर लिखे संदेशों के माध्यम से समय-समय पर नेत्र जांच कराने, काला मोतिया से आंखों को बचाने और आंखों में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने की अपील की गई.
आयोजित की गई रैली
रैली श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल स्थित श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज से शुरू होकर लाल पुल तक पहुंची और वहां से यू-टर्न लेकर वापस अस्पताल परिसर में आकर समाप्त हुई.
ग्लूकोमा को लेकर किया जागरूक
इस अवसर पर नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष और ग्लूकोमा विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका गुप्ता ने बताया कि ग्लूकोमा को “दृष्टि का मौन चोर” कहा जाता है, क्योंकि यह बीमारी शुरुआती अवस्था में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ती है. उन्होंने कहा कि नियमित नेत्र जांच के माध्यम से इस बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सकता है और स्थायी दृष्टि हानि से बचा जा सकता है.
उन्होंने बताया कि इंट्राऑक्यूलर प्रेशर यानी आंखों के दबाव की जांच, ऑप्टिक नर्व का परीक्षण और विजुअल फील्ड जांच जैसे सरल परीक्षणों के जरिए ग्लूकोमा की पहचान शुरुआती अवस्था में की जा सकती है. अस्पताल का नेत्र रोग विभाग आधुनिक जांच सुविधाओं और नवीनतम उपचार विकल्पों से सुसज्जित है.
निःशुल्क जांच शिविर का आयोजन
अस्पताल में 9 मार्च से 14 मार्च तक निःशुल्क जांच शिविर का आयोजन भी किया जा रहा है. इस शिविर में लेजर उपचार और चयनित सर्जरी भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी. 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों, मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों, स्टेरॉयड का उपयोग करने वाले लोगों, आंख में गंभीर चोट लगने वाले या परिवार में ग्लूकोमा का इतिहास रखने वालों से नियमित नेत्र जांच कराने की अपील की गई है.
कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र वर्मा, डॉ. अबिन पाल, डॉ. पुनीत ओहरी, डॉ. राजीव आजाद, डॉ. तनुज भाटिया, डॉ. ललित वार्ष्णेय और डॉ. संजय साधू सहित अन्य लोग उपस्थित रहे.


